संवाददाता-राजेन्द्र कुमार : मशरक(सारण)हिन्दू संस्कृति को सहजता से समझने के उद्देश्य को ध्यान मे रखकर आर्चार्य सर्वानन्द उपाध्याय द्बारा रचित दो पुस्तक विमोचन के बाद हू्ई सार्वजनिक।आर्चार्य श्री ने अपने द्बारा सहज भाषा मे रचित पुस्तक के पिछले दिनो विमोचन के बाद पुस्तक की प्रति जारी करते हूए कहा कि इस पुस्तक से न्ई पीढी के सभी वर्गो को अपने शास्त्रीय पक्षो का अध्ययन एवं पालन करने मे काफी सहुलियत होगी।रामपुर कोठी,भगवानपुर निवासी आर्चार्य सर्वानन्द उपाध्याय ने एम ए बीएड करने के व्याकरणाचार्य मे स्वर्णपदक प्राप्त कर साहित्याचार्य, धर्मशास्त्राचार्य एवं पुराणशास्त्र का अध्ययन किया।उच्च विद्दालय बसन्तपुर मे शिक्षण देने के बाद उच्च विद्दालय कोल्हुआ से अवकाश प्राप्त करने के बाद शास्त्र एवं कर्मकांड पर कार्य करते हूए अपनी दो पुस्तक समाज को समर्पित की।

जिसमे मांगलिक पक्ष को लेकर 201पृष्ट की 59 विषय सूची वाली विवाह मंजरी नामक पुस्तक है जिसमे जन्म से लेकर विवाह के पवित्र बंधन तक बंधने के सभी नियम,मंत्र एवं विधियों का हिंदी एवं संस्कृत मे विस्तार से बताया गया है।उसी तरह दूसरे पक्ष कर्मकांड को लेकर श्राद्ध दीपक नामक पुस्तक दो सौ पेज की लिखी है जिसमे कर्मकांड से जुड़े सभी तथ्य, नियम बंधन एवं निराकरण का विस्तार से वर्णन किया गया है।दोनो पुस्तक मे लेखक ने शंका समाधान एवं निराकरण भी सहजता पूर्वक समझाया है।