संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
स्थान: हरिहरपुर / वैशाली
कृषि विज्ञान केंद्र हरिहरपुर वैशाली के परिसर में मशरूम उत्पादक विषय पर 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

उद्घाटन सत्र में टीसीए ढोली के अध्यक्ष डॉ. पी.पी. सिंह, प्रक्षेत्र प्रमुख पूसा के डॉ. विपिन कुमार, बीआरसी गोरौल के प्रभारी डॉ. एस.के. ठाकुर, सहायक प्रोफेसर (उद्यान) डॉ. अनीश पांडा, सहायक नियंत्रक डी.ओ.ई.ई अमित कुमार तथा वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का संचालन वैज्ञानिक (गृह विज्ञान) डॉ. कविता वर्मा द्वारा किया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से संबंधित तकनीकी कौशल एवं व्यावसायिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है, ताकि वे पर्यावरण-अनुकूल और लाभकारी उद्यम स्थापित कर सकें।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, पोषण सुरक्षा बढ़ाना तथा कृषि अपशिष्ट जैसे धान का पुआल, भूसा और आरा-चूरा आदि के उपयोग से आय सृजन के लिए प्रेरित करना है।
प्रशिक्षण में मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, सब्सट्रेट तैयारी, स्टेरिलाइजेशन, स्पॉनिंग, तापमान-आर्द्रता-वेंटिलेशन प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, कटाई उपरांत प्रबंधन, ग्रेडिंग, सफाई, शेल्फ-लाइफ बढ़ाने और भंडारण पर सैद्धांतिक व प्रायोगिक जानकारी दी जाएगी।
मूल्य संवर्धन सत्र के तहत मशरूम पाउडर, सूप मिक्स, अचार, पापड़, नगेट्स, बिस्किट और पास्ता जैसे उत्पाद बनाने के साथ लागत-लाभ विश्लेषण, विपणन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार यह पहल ग्रामीण समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण और सालभर आय के अवसर सृजित करने में सहायक सिद्ध होगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में इशिता सिंह, ऋचा श्रीवास्तव, रवि कुमार, रमाकांत, रवि रंजन, सोनू, दीपक कुमार और मोहित का महत्वपूर्ण योगदान रहा।