ब्यूरो संवाददाता
मेघालय : भारतीय राजनीति विज्ञान परिषद और साइंस एवं टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी मेघालय के संयुक्त तत्वाधान में 27 मार्च,2022 को मेघालय के यूएसटीएम कैंपस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में सफलता का सोपान इंटरव्यू पुस्तक का लोकार्पण प्रो शांतिश्री धूलीपूरी पंडित, कुलपति जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली और प्रो संजीव कुमार शर्मा, कुलपति महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी बिहार के कर कमलों द्वारा किया गया। पुस्तक के लेखक डॉ नंदकिशोर साह और प्रकाशक उपकार प्रकाशन आगरा है। श्री साह भारतीय राजनीति विज्ञान परिषद के आजीवन सदस्य है।

यह पुस्तक नौकरी की तलाश करने वाले युवकों का सफल पथ प्रदर्शन करती है। लेखक ने बड़ी सरल, सरस और सुबोध भाषा में युवाओं के लिए पुस्तक की रचना की है। इसमें इंटरव्यू के पूर्व एवं इंटरव्यू के दौरान क्या करें और क्या ना करें तथा बोर्ड सदस्यों के समक्ष दिमागी संतुलन बनाए रखने के तरीके बताए गए हैं। इंटरव्यू के पश्चात या फिर इंटरव्यू में असफल होने के पश्चात निराश और हताश न होकर फिर से नई ऊर्जा के साथ तैयारी करने के गुढमंत्र भी पुस्तक में है। नौकरी पा जाने के बाद प्रबंधन, सहकर्मी तथा खुद के दायित्व का कैसे तालमेल बिठाया जाए। पदोन्नति, समय प्रबंधन और बधाओ के बीच अवसर तलाशने के उपाय भी पुस्तक में बड़ी सरलता से समझाया गया है। यह पुस्तक प्रतियोगिता परीक्षा में भाग लेने वाले तथा परीक्षा पास कर इंटरव्यू की तैयारी करने वाले युवकों के लिए बेहतर पथ-प्रदर्शन करने में सहायक है।
लेखक ने कहा कि पुस्तकें मन में स्थाई भाव पैदा करती हैं। उन्होंने कहां कि प्रतियोगी युवाओं से इस किताब को एक बार अवश्य पढना चाहिए। इस सफल प्रकाशन के लिए शिक्षाविदों में हर्ष व्याप्त है। मौके पर यूएसटीएम के चांसलर महबूवूउल हक, वॉइस चांसलर प्रो जीडी शर्मा, प्रो सुषमा यादव, पूर्व वीसी, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय; प्रो. के. जयप्रसाद, पूर्व प्रो वीसी, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय, प्रो. जी. गोपाल रेड्डी, प्रो वीसी, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय; प्रो. एडीएन वाजपेयी, कुलपति, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर; प्रो जे.के. मिश्रा, बेहरामपुर विश्वविद्यालय; प्रो मनोज दीक्षित, उपाध्यक्ष आईपीएसए और पूर्व वीसी, डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या; डॉ भावना शर्मा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, प्रो. संजय भारद्वाज, दक्षिण एशियाई अध्ययन केंद्र, जेएनयू, नई दिल्ली, प्रो. राम सिंह आरा, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर; प्रो. रजनीश कुमार शुक्ला, वीसी, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा; प्रो. जी. राम रेड्डी, प्रमुख, राजनीति विज्ञान विभाग, आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, अनंतपुर, प्रो. श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी, कुलपति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, प्रो. मोहन एस. काशीकर, आरटीएम नागपुर विश्वविद्यालय; श्री जे. नंदा कुमार, राष्ट्रीय संयोजक, प्रज्ञा प्रवाह, नई दिल्ली, प्रो. जी. गोपाल रेड्डी, प्रो वीसी, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, प्रो. कौशल किशोर मिश्रा, डीन, सामाजिक विज्ञान संकाय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय; प्रो. डी. रविंदर, वीसी, उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद, प्रो. किरण हजारिका, सदस्य, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय, प्रो. जयंत के. सरमा, असम विश्वविद्यालय सिलचर, प्रो आर एस यादव, प्रो जितेंद्र नारायण, प्रो मुनेश्वर यादव, प्रो सुधीरचंद्र जीना उड़ीसा, प्रो ज्योतिराज पाठक असम, प्रो आरके वर्मा, प्रोअवधेश कुमार, प्रो अनिल कुमार ओझा, डॉ जय कुमार झा, पूर्व मंत्री ब्रजकिशोर सिंह प्रो अनवारूल हक, विपिन कुमार राय, प्रो नंद कुमार सिंह, प्रो नवल किशोर सिंह, प्रो आरके वर्मा, डॉ अवधेश कुमार, डॉ अभीरेंद्र कुमार, डा पवन कुमार ओझा, डा राजबली पासवान, डॉ रूपक कुमार, डॉ लवली, मनोज कामत, भीम सिंह, डॉ साकेत ने बधाई और शुभकामनाएं दी।
लेखक परिचय: डाॅ0 नन्दकिशोर साह, बिहार प्रांत के पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत बनकटवा ग्राम के एक अति साधारण किसान स्व0 शिवराज साह के सुपुत्र है। एक छात्र जीवन व्यतीत करते हुए डॉ साह ने जो ख्याति प्राप्त की है, वह अन्य युवाओं के लिये एक आदर्श है। इनको अपनी कर्मठता, लगनशीलता एवं जन-सेवा के कारण ही कई सरकारी, गैर-सरकारी एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा जिला स्तरीय, राष्ट्र-स्तरीय सम्मानों से सम्मानित एंव पुरस्कारों से पुरस्कृत किया गया है। इन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न सम्मेलनों, सेमिनारों और विचार गोष्ठियों में भाग लिया है।

इनके अनेक शोध लेख कुरुक्षेत्र, अंतिम जन, विज्ञान प्रगति, जैसे विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। कई प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्रों के संपादकीय आलेख प्रकाशित हुए हैं। वे जीविका बिहार में काम कर चुके है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में कार्यरत है। कई विख्यात शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं।
डॉ नंदकिशोर साह को मुख्य रूप से कृष्णा स्वामी पुरस्कार-2005, गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली, सर्वश्रेष्ठ स्वंय सेवक एवार्ड 2007, राष्ट्रीय सेवा योजना बी0आर0ए0 बिहार विश्वविद्यालय सेल, मुजफरपुर,युुवा कार्यक्रम एंव खेलमंत्रालय भारत सरकार, महात्मा ज्योतिबा फुले फेलोशिप सम्मान 2006, भारतीय दलित साहित्य अकादमी नई दिल्ली, जिला युवा पुरस्कार- 2007, नेहरू युवा केन्द्र, पूर्वी चम्पारण युवा कार्यक्रम एंव खेल मंत्रालय भारत सरकार और नेशनल लेवल ज्वेल ऑफ आफ इण्डिया सोशल अवार्ड -2008, भारतीय समाज विकास अकादमी, मुम्बई द्वारा सम्मानित/ पुरस्कृत किया गया है।