Etawah News: Snake had entered a window of the house, snake friend Dr. Ashish did a safe rescue
संवाददाता महेश कुमार
इटावा: शहर के पुरबिया टोला निवासी अज्ञात वर्मा के घर के बाथरूम की खिड़की में सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी को देर शाम एक छोटे से सर्प के दिखाई देने की सूचना फोन पर दी । तभी डॉ आशीष 5 मिनट में ही मौके पर पहुंचे और बड़ी ही सरलता से उसे 2 मिनट से भी कम समय में ही पकड़ लिया । मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया के यूपी कोर्डिनेटर वन्यजीव विशेषज्ञ, सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी ने मौके पर सभी घर के सदस्यों को जानकारी देते हुये बताया कि, आजकल सामान्य रूप से हमारे आपके घरों के आस पास दिखाई देने वाला यह लाइकोडोंन (वोल्फ स्नेक) एक भेड़िया साँप है। जो कि एक बिल्कुल विषहीन प्रजाति का साँप है, जिसके काट लेने से किसी को कोई भी नुकसान या कोई खतरा कभी नही होता है। न ही पीड़ित को किसी इलाज की आवश्यकता होती है बस किसी भी ऐसे विषहीन सर्प के काटे हुये स्थान को ठीक से डिटॉल से ही साफ कर देने से उसका इलाज पूर्ण हो जाता है।
डॉ आशीष ने सभी को बताया कि, यह सर्प विषधारी करैत (कोडिया गड़ा सर्प) से कुछ मिलता जुलता है लेकिन ध्यान से देखा जाये तो दौनो में बेहद भिन्नता है इसके चॉकलेटी ब्राउन रंग के शरीर पर बने बैंड (पट्टियां) चौड़े व पीले रंग की व सिर से शुरू होकर थोड़े दूर दूर होते है वहीं भूरे व काले दो रंग की खतरनाक करैत सर्प की प्रजाति में यही बैंड (पट्टियां) सफेद रंग की व सिर से थोड़ा पीछे से शुरू होकर पतली पतली व थोड़ी सी दूर दूर तक दिखाई देती है। ध्यान रखिये सामान्यतयः करैत व लाइकोडोंन सर्प ज्यादा लम्बे नही होते लाइकोडोंन एक से डेढ़ फीट जब कि, करैत अधिकतम 3 से साढ़े तीन फ़ीट तक लम्बा हो सकता है। विदित हो कि, वन्यजीव विशेषज्ञ ओफियोलॉजिस्ट सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी के द्वारा जनपद में उनकी संस्था ओशन ऑर्गनाइजेशन फॉर कन्जर्वेशन ऑफ एनवायरमेंट ऑफ नेचर के द्वारा चलाये जा रहे पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का ही असर है कि लोगों ने अब सर्पों को मारना ही छोड़ दिया है व सभी डॉ आशीष को उनके हेल्पलाइन नम्बर 7017204213 पर सूचना देने लगे है। इस इस रेस्क्यू के बाद घर के सभी सदस्यों ने डॉ आशीष को उस सर्प का सफल रेस्क्यू कर सभी कर्मचारियों का भय दूर करने के लिये विशेष धन्यवाद भी दिया।