मनोज कुमार राजौरिया इटावा । गर्मी और ऊपर से लगातार पिछले 2 हफ़्तों से हो रही बिजली की कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बिजली गुल होने के बाद पता नहीं होता है कि बिजली दोबारा कब आएगी। यह हाल तो सिर्फ मैनपुरी फाटक स्थित बिजली घर का है जिससे जिले एक तकरीबन 1एक दर्जन मोहल्लों में आपूर्ति की जाती है, दिन हो या रात बस लोगों को अघोषित बिजली कटौती का ही भय सताता रहता है कि बिजली ना जाने कब गुल हो जाए।

बिजली कटौती के कारण लोगों की पूरी दिनचर्या खराब होकर रह जाती है। रातों में भी बिजली न मिलने से उमस भरी गर्मी से छोटे बच्चे, महिला और बुजुर्गों को भारी कठनाईयों का सामना करना पड़ता है। जिसके कारण आजकल पड़ रही चिपचिपाती गर्मी और अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की रात की नींद और दिन का चैन छीन लिया हैं। वही छोटे उद्योग व बिजली पर निर्भर दुकानदारों में बिजली विभाग के प्रति खासा गुस्सा व्याप्त है। अघोषित बिजली कटौती ने पेयजलापूर्ति को भी बिगाड़ दिया है। इधर विभागीय सूत्रों ने बताया लाइनों में फाल्ट व जीएसएस पर आई खराबी के कारण व्यवस्था बिगड़ जाती है।

बिजली पॉवर हाउस में फ़ोन करने पर हर बार अधिकारी/कर्मचारी मेंटेनेंस का हवाला देकर टालमटोल कर रहे हैं। बुधवार की रात को 9 बजे ही लाइट कटने के बाद अगले दिन सुबह 9 बजे तकरीबन पूरे 12 घण्टे की अघोषित बिजली कटौती की गई। बार-बार गुल हो रही बिजली से मेंटेनेंस पर सवाल उठ रहे हैं। 24 घंटे में बमुश्किल 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जिससे नागरिक परेशान हैं।
अधिकारी केवल आश्वासन देकर काम चला रहे हैं। जिससे नागरिकों को राहत नहीं मिल पा रही है। शहर में किसी भी समय कई बार बिजली की ट्रिपिंग होना आम बात है। नागरिक बिजली कंपनी के 1 माह से चलने वाले मेंटनेंस से परेशान हैं। नगर में सालभर मेंटेनेंस चलता रहता फिर भी आए दिन बिजली कंपनी के उपकरण क्यों खराब हो रहे हैं।