इटावा: यूक्रेन में फंसी इटावा की मेडिकल छात्रा तेजस्विता सुरक्षित घर वापस लौटी तो रेलवे स्टेशन पर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने मेडिकल छात्रा को मिठाई खिलाकर व बुके देकर स्वागत किया और अपनी खुशी का इजहार किया। दिल्ली से शताब्दी ट्रेन से इटावा पहुंची छात्रा तेजस्विता ने यूक्रेन के हालात बयां करते हुए कहा कि वह इस समय स्थिति बहुत खराब है। भारत के हजारों बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं और उन्हें अपने देश वापस आने के लिए तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रा ने बताया कि फ्लाइट के टिकट 80 हजार रुपए से अधिक रेटों में बेचे जा रहे थे। माली हालत सही नहीं होने के कारण हजारों छात्र महंगे टिकट नहीं खरीद सकते हैं इस कारण उनकी समस्या और बढ़ गई। यूक्रेन के विनिस्टिया शहर में पढ़ने वाली छात्रा तेजस्विता ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वह जल्द से जल्द यूक्रेन में फंसे छात्रों की मदद कर उन्हें भारत लाए।तेजस्विता के पिता सत्येंद्र पाल सिंह डॉक्टर भीमराव अंबेडकर कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज में डायरेक्टर हैं। छात्रा के पिता एवं माता अनीता ने छात्रा की सकुशल स्वदेश वापसी पर खुशी का इजहार किया।