Electricity workers' strike ends, employee leaders withdraw agitation after government's assurance
ब्यूरो संवाददाता: मनोज कुमार राजौरिया
यूपी में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्मज हो गई है। संघर्ष समिति ने 72 घंटे के कार्य बहिष्कार आंदोलन का ऐलान था जिसे एक दिन पहले ही वापस ले लिया गया है। हड़ताल वापसी के ऐलान के साथ ही ऊर्जा मंत्री ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में जहां कहीं भी बिजली सप्लाेई ठप हो उसे जल्द् से जल्दन शुरू किया जाए और जो भी कर्मचारी कार्यस्थल पर न हों वे तुरंत वहां जाकर अपनी ड्यूटी सम्भालें।
शनिवार की रात सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच बातचीत बेनतीजा रही थी लेकिन रविवार को जब कर्मचारी नेता एक बार फिर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और चेयरमैन एम देवराज के साथ बैठै तो काफी सकारात्म क ढंग से बातचीत हुई। इस बातचीत के बाद बिजली कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल खत्मा करने की घोषणा कर दी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार पहले भी बातचीत के लिए तैयार थी। आज की वार्ता सकारात्म क रही है। सभी कर्मचारियों से अपील है कि तत्काल काम पर लौट जाएं। यह आश्वासन भी दिया कि हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर हुई कार्यवाही को वापस लिया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने विद्युत कर्मचारी संगठनों को धन्यकवाद देते हुए अपील की कि हड़ताल वापस होने के बाद कर्मचारी तत्कािल काम पर वापस लौटें और जहां कहीं बिजली बाधित है चाहे वो फीडर हो या विद्युत उपकेंद्र हो, उन जगहों को तत्काौल नियंत्रण में ले लें और जनता की सेवा में जुट जाएं। कर्मचारियों को क्या आश्वासन दिया गया है इस सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति और सरकार के बीच पिछले कई महीनों में कई दौर की बातचीत हुई है। कुछ बातें लिखी हुई हैं और कुछ नहीं लेकिन कर्मचारी संगठनों की जो भी भावनाएं और मांगे हैं उन सब बात करके सार्थक परिणाम तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही वर्तमान आंदोलन के दौरान हुई कार्यवाहियों को भी वापस लेने का निर्देश यूपीपीसीएल के चेयरमैन को दिया गया है।
बिजली कर्मचारी संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि हम किसी कीमत पर प्रदेश की आम जनता को तकलीफ नहीं पहुंचाना चाहते हैं। उन्हों ने कहा कि कर्मचारी अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। सरकार ने समझौते को लागू करने का आश्वासन दिया है। इसी आधार पर हड़ताल वापस ली जा रही है।