The government spent Rs 15,020 crore to provide cheap electricity to the poor in UP.Electricity rates will not increase for the fourth consecutive year, the regulatory commission rejected the proposal of power companies
ब्यूरो संवाददाता: मनोज कुमार राजौरिया
उत्तर प्रदेश में लगातार चौथे साल बिजली की दरें नहीं बढ़ाई गई हैं। विद्युत नियामक आयोग ने बृहस्पतिवार को प्रदेश की बिजली कंपनियों की तरफ से दाखिल 18 से 23 फीसदी बढोत्तरी के प्रस्ताव को खारिज करते हुए एक बार फिर प्रदेश की बिजली दरों में कोई भी बदलाव न करते हुए दरें यथावत रखी हैं।
नोएडा पावर कंपनी क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 10 फीसदी की कमी की गई है। बिजली दरों में कमी को रोकने के लिए अपर मुख्य सचिव ऊर्जा द्वारा वितरण हानियों को आरडीएसएस स्कीम के तहत मानने वाला प्रस्ताव खारिज कर दिया है। इस वर्ष भी प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर 7988 करोड़ रुपये सरप्लस निकला है।