संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/ पश्चिमी चंपारण।
लोकसभा के मुख्य सचेतक व पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व प. चंपारण के सांसद डॉ संजय जायसवाल ने बेतिया में आयोजित प्रेस वार्ता में सबूतों के साथ पीके के लगाये आरोपों की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि प्रशांत किशोर ने मुझ पर दो आरोप लगाये हैं, पहला छावनी रोड पर स्थित अपने पेट्रोल पंप के कारण आरओबी का एलाइनमेंट बदलवा दिया, दूसरा स्थानीय मेयर के एक पत्र के आलोक में उन्होंने मुझ पर पेट्रोल-डीजल घोटाला करने का आक्षेप लगाए हैं।
RTI से प्राप्त सबूत दिखाते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व मध्य रेलवे से RTI के जरिये मांगे गये जवाब में यह स्पष्ट कहा गया है कि इस आरओबी के एलाइनमेंट में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. इसके अतिरिक्त NHAI ने भी RTI के जरिये दिए जवाब में यह साफ़ कर दिया है कि इस आरओबी के पंहुच पथ के निर्माण के लिए किसी प्रकार का भू-अर्जन नहीं किया गया है, अतः इसके मार्गरखन में परिवर्तन का कोई प्रश्न ही नहीं उठता.
पीके के दूसरे आरोप पर डॉ जायसवाल ने कहा कि पीके ने बेतिया मेयर के जिस पत्र के आधार पर मुझ पर पेट्रोल-डीजल के मामले में भ्रष्टाचार के जो आरोप लगाये हैं वह और भी हास्यास्पद है. हकीकत में बेतिया महापौर ने 8 बिन्दुओं पर नगर विकास मंत्रालय से जांच करने की मांग की थी, जिसके आलोक में अवर सचिव मनोज कुमार द्वारा जांच किया गया। मजे की बात यह है कि पेट्रोल-डीजल का मामला इन 8 बिन्दुओं में कहीं है ही नहीं. जांच अधिकारी ने जवाब में खुद से एक ‘अन्य’ भाग बना कर निगम द्वारा 15 गाडियों के Fuel/Diesel के एवज में M/s Saroj & Sons Services को बिना जीएसटी बिल के भुगतान करने की बात को उठाया है. सारा बखेड़ा इसी बात को लेकर खड़ा किया गया है।
पत्र दिखाते हुए डॉ जायसवाल ने कहा कि सामान्य ज्ञान रखने वाला कोई आम आदमी भी जानता है कि भारत में पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी नहीं लगता है. फिर इसमें जीएसटी बिल की बात ही बेमानी है. वेतिया मेयर का नगर विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार के GST के आरोप का 5 बार सशक्त समिती में उठाना यह बताता है कि बेतिया मेयर विगत 2 वर्षों से सिर्फ इसलिये साजीश कर रही थी कि उनके रिश्तेदार के यहाँ से डीजल सप्लाई हो ।