संवाददाता – मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण (बिहार)
08 अप्रैल 2026
पश्चिमी चंपारण । पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर परिसर में आयोजित 15 दिवसीय ‘समेकित पोषक तत्व प्रबंधन’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन प्रमाण पत्र वितरण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कहा कि मिट्टी की सेहत को बनाए रखना और उर्वरकों का संतुलित उपयोग करना आज के समय में समृद्ध खेती के लिए अत्यंत आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने कहा कि बीज और उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत आते हैं, इसलिए किसानों को उचित मूल्य पर समय से उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कृषि विज्ञान केंद्र की मशरूम प्रयोगशाला और समेकित कृषि प्रणाली इकाई का निरीक्षण किया तथा वहां चल रही गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा किसानों को दी जा रही तकनीकी जानकारी और मशरूम बीज उत्पादन के प्रयास सराहनीय हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित नई तकनीकों को प्रशिक्षण के माध्यम से जिले के अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि किसान आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर उत्पादन और आय में वृद्धि कर सकें।
इस अवसर पर क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र माधोपुर के प्रभारी डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखना भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुनिश्चित करने का आधार है।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस मौके पर विशेष कार्य पदाधिकारी सुजीत कुमार, राष्ट्रीय गोकुल मिशन के प्रभारी डॉ. राजीव कुमार अस्थाना, वैज्ञानिक डॉ. चेलपुरी रमुलू, डॉ. हर्षा बी.आर., डॉ. सौरभ दुबे तथा डॉ. जगपाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।