संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
ऑल सोल्स डे के अवसर पर चुहड़ी कब्रिस्तान में मिस्सा पूजा का आयोजन किया गया। जिसमे चुहड़ी के सभी ईसाई श्रद्धालु शामिल हुए। मिस्सा बलिदान को अर्पित करते हुए पुरोहित फादर भिनसेन्ट ने उपदेश में कहा कि ईश्वर में विश्वास करके जो मरते है, उन्हें परमेश्वर अंनत खुशी और शांति प्रदान करते है, उन्हें अपनी शरण मे स्थान देते है। येसु कहते है पुनरुत्थान और जीवन मैं हूँ। जो मुझमें विश्वास करता है वह मरकर भी पुनरुत्थान में जीवित होगा। प्रज्ञा ग्रंथ में लिखा है धर्मियों की आत्मा प्रभू की हाथों में है, उन्हें किसी प्रकार का कष्ट नहीं होगा। इसलिए हमे ईश्वर की महिमा को खुद में महसूस करना चाहिए। जीवन में सदैव अपने पापों के त्याग करके धर्म मार्ग पर चलना चाहिए। मानव जाति द्वारा किये गए पापों पर पश्चताप किया जाना चाहिए।
जीवन और मृत्यु दोनों ही सत्य है। धरती पर जो जन्म लिया है उसे एक न एक दिन मृत्यु को प्राप्त करना ही है। ऐसे में इंसान को चाहिए कि वे अपने इस नश्वर शरीर को लोगों की सेवा और सहायता में लगाए। अपनी आत्मा को बुरे कर्म से बचाकर रखे और यथाशक्ति ईश भक्ति और ईश वचन को अपने आचरण में लाना चाहिए।
ऑल सोल्स डे पर के अवसर पर सभी ईसाइयों ने अपने मृतक परिजनों के कब्रों का रंग रोगन किया और उसे मोमबत्ती, अगरबत्ती और फूल मालाओं से सुसज्जित किया। अपने प्रिय मृतकजनों की कब्रों पर मोमबत्ती जलाने, प्रार्थना करने के लिए दूर दूर से रिश्तेदार चुहड़ी आकर मिस्सा में शामिल हुए।
मिस्सा बलिदान के बाद पल्ली पुरोहित फादर टोबियास, पुरोहित फादर मनोज, फादर भिनसेन्ट नेसभी मृतकों के कब्रों पर आशीष का जल डाला और आशीष की प्रार्थना किये।