Bihar news हिंदी भोजपुरी काव्य संग्रह अभिव्यक्ति का लोकार्पण
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Bihar news हिंदी भोजपुरी काव्य संग्रह अभिव्यक्ति का लोकार्पण

संवाददाता मोहन सिंह बेतिया

साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था ‘अनुराग’, बेतिया द्वारा एम.जे.के. कॉलेज, बेतिया के कॉन्फ्रेंस हॉल में पुस्तक लोकार्पgण एवं कवि-सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न हुआ। डॉ. शारदा शरण श्रीवास्तव द्वारा रचित हिन्दी-भोजपुरी काव्य-संग्रह ‘अभिव्यक्ति’ पर वक्तव्य देते हुए कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. (डॉ) सुरेन्द्र प्रसाद ‘केसरी’ ने कहा कि सरल व प्रभावी भाषा के कारण अभिव्यक्ति पाठकों तक आसानी से पहुँचेगी। मुख्य अतिथि डॉ. परमेश्वर भक्त ने कहा कि विभिन्न विषयों को समेटे हुए अभिव्यक्ति लेखक की बेहतर प्रबंधकीय क्षमता को दर्शाता है। पुस्तक पर डॉ. देवीलाल यादव व सुशांत कु. शर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए। अरुण गोपाल ने पुस्तक की कविता ‘घन-अर्चन’ को अपने मधुर स्वर में प्रस्तुत कर सबको आनंदित कर दिया। कार्यक्रम का संचालन अनुराग के प्रवक्ता डॉ. जगमोहन कुमार ने किया।

 

 

कार्यक्रम के दूसरे सत्र कवि-सम्मेलन में व्रतराज दूबे ‘विकल’ ने पढ़ा कि अगर चाहते हैं चैन हृदय में, मन को जरा मनाना सीखें। इच्छाओं की बाढ़ बचाएँ, उनको जरा घटाना सीखें। डॉ. गोरख प्रसाद ‘मस्ताना’ ने कहा कि बाँट-बाँट कर दुःख पी लेंगे, भाव यही दिल में बो लेना। तेरी आँख से मैं रो लूँगा, मेरी आँख से तुम रो लेना। डॉ. जफर इमाम ने कहा कि सन्नाटे के अंदर बैठा रहता है, दिल को छापेमारी का अंदाजा है…। प्रो. कमरुज्जमां कमर ने कहा कि जो महसूस करुँ कह दूँगा मेरा क्या, शायर हूँ तन्हा रह लूँगा मेरा क्या। डॉ. अनुराधा पाठक ने कहा कि तुमने जो फूलदान लौटाया था, मैंने उसमें इक पौधा लगा दिया…।

 

Bihar news हिंदी भोजपुरी काव्य संग्रह अभिव्यक्ति का लोकार्पणकवि-सम्मेलन को संस्था के संरक्षक पं. चतुर्भुज मिश्र, विजय नाथ तिवारी, डॉ. जाकिर हुसैन जाकिर, अनिल अनल, अवधेश कुमार वर्मा, ललन पाण्डेय लहरी, डॉ. दिवाकर राय, आभास झा ‘युवा’, अखिलेश्वर मिश्र, असलम चिश्ती, नवल प्रसाद, शालिनी रंजन, श्याम कुमार, सुशांत कु. शर्मा, पाण्डेय धर्मेंद्र शर्मा, प्रशांत सौरभ, विभांक धर मिश्र, श्याम श्रवण, रजनीश कु. मिश्रा, शिल्पी कुमारी आदि ने अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम को ऊँचाई प्रदान की। अंत में प्रख्यात शायर शाकिर करीमी एवं कवि प्रीतम बावरा के निधन पर उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।