संवाददाता–राजेन्द्र कुमार
वैशाली/हाजीपुर।अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा और ऐपवा ने संयुक्त रूप से सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शन करके,भदासी अरवल जिला के 22 वर्षों से जेल में बंद 14 में से जीवित बचे 6टाडा बंदियोंको रिहा करने, शराबबंदी कानून की आड़ में जेल में बंद उत्पीड़ित गरीबों को रिहा करने, हाजीपुर नगर परिषद के वार्ड नंबर 43 सैफपुर पाया नंबर 1 के गरीबों को आवास बनाकर देने के बाद जहां बसे हैं वहां से हटाने, सभी गरीबों को बांस के लिए 5 डिसमिल जमीन देने, मनरेगा को कृषि से जोड़कर किसानों के खेत में 200 दिन काम और ₹600 प्रतिदिन मजदूरी देने, वृद्धावस्था पेंशन की राशि बढ़ाकर ₹3000 मासिक करने, शहरी गरीबों के लिए भी मनरेगा की तर्ज पर रोजगार गारंटी कानून बनाने, सभी मजदूर किसान परिवारों को 200 यूनिट फ्री बिजली देने और बकाया बिजली बिल माफ करने के मांगों के समर्थन में भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य और किसान महासभा बिहार प्रदेश के राज्य अध्यक्ष विशेश्वर प्रसाद यादव, साहदुल्लाहपुर सातन पंचायत के सरपंच और किसान महासभा के राष्ट्रीय पार्षद गोपाल पासवान, खे ग्रामस के जिला संयोजक रामबाबू भगत, पवन कुमार सिंह, भाकपा माले नेता मजिद्र शाह, ममता देवी, भाकपा माले जिला कमेटी सदस्य और एकटु के राज्य सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, संगीता देवी, किसान नेता रामयतनराय, सुरेश राय, शिवजी पासवान आदि के नेतृत्व में हाजीपुर प्रखंड और अंचल कार्यालय के समक्ष आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन करके 700 से ज्यादा बांस आवास के जमीन के जरूरतमंदों की सूची अंचलाधिकारी के अनुपस्थिति में अंचल निरीक्षक को सौंपा, वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि बिहार में गरीबों पर बुलडोजर चलाने का सरकारी फैसला नहीं चलने दिया जाएगा, हाजीपुर नगर परिषद के वार्ड नंबर 43 सैफपुर पाया नंबर 1 के 23 परिवारों को आवास बनाकर आवंटित,करने के बाद ही वहां से हटाने की बात नेताओं ने कही, इससे पहले हटाने पर जनता से जन प्रतिरोध तेज करने का आह्वान किया गया, नेताओं ने कहा कि एक तरफ केंद्र की भाजपा सरकार महंगाई ,बेरोजगारी, बढ़ा रही है, देश के संसाधनों को अपने कॉरपोरेशन मित्रों के हाथ बेच रही है, अंग्रेजों की तर्ज पर बांटो और राज करो के रास्ते पर बढ़ते हुए समाज के शांति और अमन चैन को समाप्त करने के लिए सांप्रदायिक उन्माद, उत्पात भड़का रही है, ताकि जनता केंद्र सरकार से उनकी विफलताओं पर सवाल नहीं कर सके, केंद्र की भाजपा सरकार लोकतंत्र और संविधान को समाप्त कर रही है, यहां तक की पुलिस हिरासत में भी गुंडों से आरोपियों की हत्या करवा रही है, तो दूसरी तरफ बिहार की महागठबंधन सरकार जनता से किए वादे को पूरा करने में पिछड़ रही है,
महागठबंधन ने अपने चुनाव घोषणापत्र में वृद्धावस्था पेंशन की राशि 1000 मासिक करने का वादा किया था, सभी गरीबों को 5 डिसमिल जमीन देकर आवास बना कर देने का की वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ, भाकपा माले लोकतंत्र और संविधान की रक्षा, देश के संसाधनों को बेंचे जाने के खिलाफ संघर्ष में महागठबंधन के साथ है, परंतु इसकी प्रतिबद्धता बिहार के गरीब जनता के साथ है इसलिए गरीबों के हर लड़ाई को भाकपा माले आगे बढ़कर नेतृत्व करती रही है ,कर रही है ,और आगे भी करती रहेगी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी के कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने पर आंदोलनकारियों का मांग पत्र लेने के लिए किसी के आगे नहीं आने पर प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए और कार्यालय कक्ष में भी नारेबाजी कीए, इसके बाद इनका मांग पत्र अंचल निरीक्षक में रिसीव किया, नेताओं ने पदाधिकारियों के जनता के प्रति उदासीन रवैया की निंदा करते हुए आगे भी आंदोलन जारी रखने का एलान किया
आज हीहाजीपुर सदर थाना क्षेत्र के दिग्गी पश्चिमी अनुसूचित जाति टोला से 7 अप्रैल 2023 के 1:00 बजे रात में निर्दोष मदन राम के गिरफ्तारी की उच्च स्तरीय जांच कराने, निर्दोषमदन राम को बिना शर्त रिहा करने की मांग के समर्थन में सैकड़ों लोगों ने सदर थाना के सामने भी प्रदर्शन करके एसपी को संबोधित ज्ञापन थानाध्यक्ष को दिया, विदित हो कि मदन राम अपने जिंदगी में कभी भी एक बूंद भी तारी, दारु ,शराब , नहीं पिए फिर भी उन्हें अपने घर में दारू रखने के झूठे इल्जाम में जेल भेज दिया गयाहै, मदन राम को 1 पुत्र था जिसकी मृत्यु हो चुकी है, वर्तमान में 3 विवाहित बेटियां हैं, उनका मंझला दामाद हाजीपुर शहर के मेदनीमल मोहल्ला निवासी नागेश्वर राम उनसे जमीन लिखवाने के लिए जवाब दे रहा था, जिसके लिए मदन राम तैयार नहीं थे, उनके दामाद ने फोन करके भी धमकी दिया था की जमीन नहीं लिखने पर दारू के केस में जेल भी जा सकते हैं, इसी साजिश में मदन राम को गिरफ्तार किया गया है, नेताओं ने मदन राम को रिहा करने की मांग किया, थानाध्यक्ष ने भी स्वीकार किया श्री मदन राम निर्दोष है, परंतु उनके मुकदमे समाप्त करने की प्रक्रिया में लगभग एक महीना समय लगेगा, जिसकी हम कोशिश करेंगे,
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