संवाददाता राजेन्द्र कुमार
वैशाली /हाजीपुर
दिवस के आहृवान पर भाकपा-माले और इंसाफ मंच के बैनर तले सैकड़ों पुरूषों/महिलाओं ने शहर के अनवरपुर चौक स्थित अंबेडकर स्मारक से वफ्फ संशोधन विधेयक वापस लेने का नारा लगाते हुए गांधी चौक तक मार्च किया और गांधी चौक पर पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए 28 पर्यटकों को 2 मिनट मौन श्रद्धांजलि अर्पित किया।
विरोध मार्च का नेतृत्व भाकपा-माले के जिला सचिव विशेश्वर प्रसाद यादव कर रहे थे। गांधी चौक पर सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार
संविधान विरोधी सम्प्रदायिक वफ्फ संशोधन विधेयक लाकर वफ्फ की जमीन पूंजीपतियों को देना चाहती है। मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड में हिन्दुओं का प्रतिनिधित्व देने, और जिलाधिकारी को सर्वे सर्वा बनना चाहती है। परंतु हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड में मुसलमानों का प्रतिनिधित्व स्वीकार नहीं करती। विभिन्न धार्मिक न्यास बोर्ड, हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड के नियंत्रण वाली साढे 20 लाख एकड़ जमीन गरीबों के बीच नहीं बांट रही है। परंतु वफ्फ बोर्ड के नियंत्रण वाली 9 लाख 5 हजार एकड़ जमीन पर उसकी गिद्ध दृष्टि है। हजार /500 वर्ष पहले जो जमीन वफ्फ की गई, जिस पर मस्जिद, इमामबाड़ा, कब्रिस्तान बना हुआ है, उसका कागज मांगा जा रहा है। जो देना संभव नहीं है। नेताओं ने कहा कि वफ्फ संशोधन विधेयक असंवैधानिक है इसके जरिए सरकार सांप्रदायिक विभाजन पैदा करना चाहती है। माले इसके खिलाफ संघर्ष करती रहेगी।
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए 28 पर्यटकों को श्रद्धांजलि देते हुए नेताओं ने कहा कि कश्मीर में शांति और सुरक्षा देने का दावा झूठ साबित हुआ है। जिस कश्मीर से राज्य का दर्जा छीन लिया गया, धारा 370 वापस ले लिया गया, केंद्र शासित उस कश्मीर से आतंकवाद को समाप्त करने का दावा किया जा रहा था, यह पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। नोटबंदी से लेकर अब तक कश्मीर में लगातार छोटे बड़े आतंकी हमले होते रहे हैं। लेकिन सरकार अपनी विफलता स्वीकार करने को तैयार नहीं है। जब पूरे कश्मीर को सैनिक छावनी में बदल दिया गया है, जनता के लोकतांत्रिक अधिकार को समाप्त कर दिया गया है, फिर भी जहां 2000 से ज्यादा पर्यटक थे एक भी सुरक्षा कर्मी क्यों नहीं था। यह सच्चाई है कि आतंकी हमले में हिंदू मुस्लिम दोनों मारे गए, घटना के 2 घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंचे, इस बीच पीड़ितों को भोजन पानी दवा और कंधे पर चढ़ाकर अस्पताल पहुंचने वाले स्थानीय मुसलमान ही थे। नेताओं ने आतंक के साथ-साथ नफरत के खिलाफ भी देशवासियों को उठ खड़ा होने का आह्वान किया।

सभा को प्रेमा देवी, डॉ बी सिंह, मजिंदर शाह, रामनिवास प्रसाद यादव, गोपाल पासवान,रामबाबू भगत, राम पारस भारती,इंसाफ मंच के राजू वारसी, अर्जुन पासवान, रामजतन राय, रामनाथ सिंह, श्याम नारायण सिंह, शिवचंद्र राय, विजय कुमार यादव, चंदेश्वर सिंह, मिथलेश देवी, बृजनंदन पासवान, लाल प्रसाद सिंह, सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया ।