संवाददाता राजेन्द्र कुमार
राजापाकर /वैशाली
फसलों को हुए भारी नुकसान पर गंभीर चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल मुआवजे की मांग की है। महासभा ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि प्राकृतिक आपदा ने किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है।

महासभा के जिलाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि तेज आंधी-बारिश ने सबसे अधिक नुकसान उन धान की फसलों को पहुंचाया है जो कटाई के लिए पूरी तरह से तैयार थीं। इसके अलावा, कटने के लिए रखी गई फसलों में भी पानी भर जाने से वे सड़ रही हैं।
सुमन कुमार ने जानकारी दी कि तंबाकू, आलू, लहसुन, धनिया सहित तमाम रबी सब्जियों की फसलें भी बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं।महासभा ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि लगातार हो रही बारिश ने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। जो किसान अपनी खरीफ की फसल बेचकर रबी की बुआई के लिए पूंजी जुटाने वाले थे, उनके पास अब कोई दूसरी पूंजी नहीं बची है। ऐसी स्थिति में किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं और उनके सामने रबी की बुआई करने का संकट खड़ा हो गया है।

अखिल भारतीय किसान महासभा ने सरकार से इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रभावित किसानों को फसलों के नुकसान का तत्काल और पर्याप्त मुआवजा दिए जाने तथा आगामी रबी फसलों के लिए किसानों को बीज और खाद मुफ्त में उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।