संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
पश्चिम चम्पारण के बेतिया नगर निगम की ह्रदय स्थली लाल बाजार व तीन लालटेन चौक के बीच में स्थित भारतीय बीज भंडार के गोदाम में रात्रि लगभग 1 से 2 बजे के बीच में भीषण आग की लपटें उठने लगी। जिसके पश्चात चिर निद्रा में सोए वहां के आस पास के लोग की मानों नींद उड़ गई। सभी सड़कों व छतों पर आकर कुछ समझते उससे पूर्व ही कीटनाशक दवा की गोदाम बुरी तरह से भीषण आग की चपेट में आ चुका था। मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन व अग्निशमन केन्द्र को दिया।

सूचना पाकर लगभग सुबह 2 बजे के पश्चात अग्निशमन के कर्मचारी चार गाड़ियों के साथ वहाँ पहुंचे और आग बुझाने में लग गए। जहाँ आग पर जैसे ही पानी पड़नी शुरू हुई वहीं धु्आ का गुब्बार निकलना शुरू हो गया। और यह धुओं का गुब्बार कई प्रकार की कीटनाशक केमिकलों के जलने से उत्पन्न होने के कारण वहां के लोगों व आग बुझाने आए अग्निशमन दस्ता के कर्मचारियों का खड़ा होना दुर्भर हो गया। निचली तल्ला और ऊपरी प्रथम तल्ले दोनों ही गोदामों में लगी आग से पूरा वातावरण जहरीली धुंओं से भर गया। लोग आग से भयभीत बदबू से परेशान हो उठे। प्राप्त सूचना के अनुसार एक दो अग्निशमन कर्मचारी भी केमिकल व जहरीली धुंओं में आग बुझाने के दरम्यान सांस की तकलीफ से अचेत होते होते बचाए गए।

अचानक लगी इस आग से ना केवल लाखों करोड़ों की खाद, बीज व कीटनाशक दवा ही जली बल्कि दो पिकअप गाड़ी व तीन मोटरसाइकिल भी जलकर राख हो गई। हालांकि आग कैसे लगी यह कोई भी बताने से कतराता रहा। वहीं भारतीय बीज भंडार के स्वामी शंभू सिकारिया सपरिवार विवाह कार्यक्रम में जिले से बाहर थे और उनके ही परिवार के दुकान व गोदाम के साझेदार एवं स्वामी संतोष सिकारिया ने बताया कि रात में गोदाम की बिजली काट दी जाती है इसलिए शाॅट सर्किट से आग लग ही नहीं सकती है। यह किसी आसामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर आग लगाई गई है।
रात्रि करीब 1 बजे की लगी आग सुबह 10 बजे तक पूरी तरह नहीं बुझाई जा सकी थी। तीन तरफ की घरों की दिवालों के कारण ऊपरी तल्ले के गोदाम में आग बुझाने के लिए अग्निशमन कर्मचारी अंदर धुंआ के वजह से नहीं घूस पा रहे थे। जिसके लिए अगल बगल की छतों का भी सहारा लिया गया फिर भी पूरी तरह से आग पर काबू समाचार लिखें जाने तक नहीं पाया गया।

वहीं स्थानीय सूत्र बताते हैं कि आग लगने के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। कहीं ना कहीं किसी खास वजहों से यह आग लगाई गई है। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने यहाँ तक कहा कि इतने बड़े कीटनाशक केमिकल गोदाम का रियायशी इलाका में रखना किसी तरह भी खतरों से खाली नहीं है। इससे कभी भी कोई बड़ी घटना शहर में हो सकती है। प्रशासनिक मिलीभगत से कीटनाशक केमिकलों का गोदाम अतिव्यस्तम रियायशी इलाका में रखा जाता है। आज की इस घटना पर यदि समय रहते कार्यवाही नहीं किया गया होता तो आग के साथ साथ केमिकल युक्त जहरीली दवाओं से शहरों की स्थिति बिगड़ सकती थी और आगे भी इस पर उचित कार्यवाही नहीं की जाए तो भविष्य में खतरा मंडराता ही रहेगा।