Bihar News : किसान-मजदूरों का पटना कूच! 28 सितंबर को राजभवन मार्च की तैयारी, बेतिया में जुटे जन संगठन
वाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
नगर के बलिराम भवन सभागार में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिला संगठनों के साथ एटक की ओर से एक दिवसीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन का मुख्य उद्देश्य आगामी 28 सितंबर को पटना में प्रस्तावित राजभवन मार्च को सफल बनाना तथा पश्चिमी चंपारण से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

अशोक मिश्र, राजेन्द्र साह, आरती, मनोज साह, लालबाबू राम, साधना देवी और आदर्श मणि तिवारी की संयुक्त अध्यक्ष मंडली की अध्यक्षता में आयोजित कन्वेंशन का विधिवत उद्घाटन राज्य किसान नेता विजय शंकर सिंह ने किया। इस दौरान किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों और महिलाओं की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही 28 सितंबर को पश्चिमी चंपारण से बड़ी संख्या में लोगों के पटना पहुंचकर राजभवन मार्च में शामिल होने का आह्वान किया गया।
सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन का आह्वान
कन्वेंशन के मुख्य अतिथि राज्य किसान सभा के महासचिव रामचंद्र महतो ने केंद्र और राज्य सरकार पर किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिला विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान, महिलाएं तथा संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक पटना की सड़कों पर उतरेंगे। राजभवन मार्च के माध्यम से बिहार के राज्यपाल को मांग पत्र सौंपा जाएगा।
संविदा कर्मियों से पटना चलने की अपील
एटक बिहार के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी ओम प्रकाश क्रांति ने आशा कार्यकर्ताओं, रसोइयों, सेविका-सहायिकाओं और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों सहित तमाम संविदा कर्मियों से अपने अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में पटना पहुंचने का आह्वान किया।

उन्होंने सभी संविदा कर्मियों की सेवा स्थायी करने, स्कीम वर्कर्स को कम से कम 26 हजार रुपये मानदेय देने तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा स्थायी करने सहित कई मांगें प्रमुखता से उठाईं।
आंदोलन को मजबूत करने पर जोर
कन्वेंशन को किसान नेता राधामोहन यादव, खेत मजदूर नेता सुबोध मुखिया, नौजवान नेता एन.डी. तिवारी, महिला नेत्री सहित विभिन्न संगठनों के नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर लोगों को एकजुट किया जा रहा है।
बैठक के दौरान 27 सितंबर को 5216 ट्रेन से पटना कूच करने का भी आह्वान किया गया। पश्चिमी चंपारण से बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिलाएं पटना पहुंचकर 28 सितंबर के राजभवन मार्च में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।