संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज
बाह: पिनाहट कस्बा क्षेत्र में उसैत चंबल घाट पर बना पैटून पुल आज चंबल नदी के तेज बहाव में बह गया।स्टीमर से एक किमी पीछा कर पुल को रस्सों से खींच कर दोबारा जोड़ा गया।हादसे के वक्त पुल पर दस कर्मचारी मौजूद थे।गनीमत रही कि वर्तमान समय में पुल का आवागमन बन्द है वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
रस्सी टूटने से हुआ हादसा,कर्मचारियों की थी लापरवाही
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज ठेकेदार के कर्मचारी पुल पर मौजूद थे,उसी समय मध्यप्रदेश की तरफ से पुल की रस्सी टूट गयी और पुल पानी के बहाव के साथ आगे बहने लगा।स्टीमर द्वारा तत्काल पीछा कर रस्सों के सहारे पुल खींचा गया।थोड़ी सी देर और होती तो दस कर्मचारियों की जान जाने की नौबत आ सकती थी।

पुल बन्द होने पर उसे तोड़ कर किनारे बांध दिया जाता है और दोबारा पुल शुरू करने पर उसे जोड़ा जाता है परंतु आवागमन बन्द होने के बाद भी पुल हटाया नहीं गया था और उस पर कर्मचारी भी मौजूद थे।
उफान पर है चंबल
बता दें कि चंबल नदी इस वक्त उफान पर है।शनिवार को जलस्तर घटने के बाद रात हुई बारिश ने एक बार फिर चंबल का जलस्तर 116 मीटर से 121 मीटर तक पहुंच गया है।

पुल का आवागमन है बन्द,स्टीमर से यूपी और एमपी का जुड़ाव
बता दें कि पैटून पुल और स्टीमर को पीडब्ल्यूडी द्वारा संचालित किया जाता है।इसका ठेका निकाला जाता है।पुल और स्टीमर के ठेके से लाखों की कमाई होती है।वर्तमान में पटियाली की एक महिला किरन देवी के नाम से ठेका है और उसके द्वारा थर्ड पार्टी स्थानीय ठेकेदार चंदू वर्मा के पास 2 लाख 10 हजार रुपये में रखरखाव की जिम्मेदारी है।
पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे,अवैध कमाई है कारण
बता दें कि बीते वर्ष भी चंबल नदी पर बारिश के मौसम में लोगों का आवागमन कराया जा रहा था और इस दौरान कई लोग जान जोखिम में डाल कर यूपी से एमपी जा रहे थे।घटना का वीडियो वायरल हो गया था तब जाकर पुल हटाया गया था।हर वर्ष पुल शुरू करने की मांग पर जनता के प्रदर्शन के बाद पुल शुरू होता है क्योंकि स्टीमर संचालक अवैध रूप से यात्रियों को नदी पार करवाकर मोटी कमाई कर रहे होते हैं।पुल बन्द होने पर भी भारी वाहनों को सुविधाशुल्क लेकर आवागमन करवा दिया जाता है।
बढ़ा बाढ़ का खतरा,स्टीमर संचालन हुआ बन्द
आज चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एक बार फिर अलर्ट जारी कर दिया है।प्रशासन द्वारा नदी में स्टीमर का संचालन बन्द करवा दिया गया है।इस कारण यूपी और एमपी दोनों ओर सैकड़ों यात्री परेशान खड़े हैं।