संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज़
बाह: सरकार द्वारा जनकल्याण योजनाओं में पारदर्शिता लाने व आम जनमानस को उसके बारे में जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से जन सूचना अधिकार अधिनियम बनाया गया था लेकिन सरकार के ही नुमाइंदे इस अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे ।

ब्लॉक बाह क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत सन्नपुरा निवासी ग्रामीण युवा रामू कुशवाहा ने 20 जून 2022 को ग्राम पंचायत सन्नपुरा के संबंध में ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों के बारे में पंचायती राज विभाग के मुख्य विकास अधिकारी से जन सूचना प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। मुख्य विकास अधिकारी ने ब्लॉक बाह के संबंधित जनसूचना अधिकारी को पत्र के माध्यम से निर्धारित समयावधि में सूचना प्रदान करने के निर्देश दिए थे।

ब्लॉक कार्यालय के जनसूचना अधिकारी द्वारा मांगी गई जन सूचना में पेजों की अधिकता का हवाला देते हुए 4000 रुपए पंचायत निधि खाते में जमा कराने के लिए कहा जिस पर सूचना चाहने वाले युवा ने बताए गए खाते में 4000 की धनराशि जमा कर रसीद लोक सूचना अधिकारी को प्रेषित कर दी। रुपए जमा कराने के बाद जन सूचना अधिकारी को रिमाइंडर पत्र के माध्यम से सूचना देने के लिए अवगत कराया लेकिन लोक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना प्रदान नहीं की गई जिसके बाद अभ्यर्थी ने राज्य सूचना आयोग को भी अपील पत्र भेजकर सूचना की मांग थी बावजूद इसके करीब 11 महीने बीतने के बाद भी आरटीआई कार्यकर्ता को सूचना नहीं मिल सकी है। जिसके बाद सूचना चाहने वाले युवा ने केंद्रीय सूचना आयोग को डाक द्वारा शिकायत पत्र भेजकर सूचना दिलाए जाने की मांग की है।