Praygraj News:ऊर्जा और एकाग्रता को बढ़ाता है सूर्य नमस्कार – प्रोफेसर सत्यकाम

Prayagraj News: Surya Namaskar increases energy and concentration - Professor Satyakam
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रिपोर्ट विजय कुमार

उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनन्दीबेन पटेल की प्रेरणा एवं कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम के मार्गदर्शन में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के पूर्व प्रतिदिन उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय में योगाभ्यास की विभिन्न क्रियायें संचालित की जा रहीं है। इसी क्रम में बुधवार को मुक्त विश्वविद्यालय की मानविकी विद्याशाखा के तत्वावधान में गंगा परिसर में सामूहिक सूर्य नमस्कार: ऊर्जा एवं एकाग्रता का अनुभव विषयान्तर्गत योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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इस कार्यक्रम के अन्तर्गत सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राओं पर योगाभ्यास किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि सूर्य नमस्कार ऊर्जा और एकाग्रता को बढ़ाता है। यह योग का एक शक्तिशाली अभ्यास है जो शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाता है। सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि योग न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ्य बनाता है अपितु हमारे मस्तिष्क को भी एकाग्र कर नई ऊर्जा से भर देता है। योग वस्तुतः शरीर और मन को एक करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्वयं के अनुभव के बारे में बताते हुए कहा कि योग करने से उनमें नई ऊर्जा का संचार हुआ है और वह अब और भी दक्षता तथा एकाग्रता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सक्षम हुए है। उन्होंने कहा कि योग विभिन्न विचारधाराओं के विभिन्न व्यक्तियों को साथ लाने का भी सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस अवसर पर लोगों को आह्वान करते हुए कहा कि सभी को प्रतिदिन अपनी दैनिक व्यस्तताओं में से कुछ समय योग हेतु अवश्य निकालना चाहिए इससे वे शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे और अपने कार्यों को और भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से सम्पादित करने में सहायता मिलेगी।

Prayagraj News: Surya Namaskar increases energy and concentration - Professor Satyakam
मानविकी विद्याशाखा के निदेशक प्रोफेसर सत्यपाल तिवारी ने कहा कि योग विश्व को भारत की अनुपम देन है। आज विश्व के 180 से अधिक देशों द्वारा योग को अपनाया गया है। योग का अनुसरण करके इन देशों ने भारतीय संस्कृति और उसकी चिन्तन परम्परा में विश्वास व्यक्त किया, जो देश के लिए गौरव का विषय है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग मनुष्य के मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक वृत्तियों को परस्पर जोड़ता है। जिससे मनुष्य उच्च आध्यात्मिक भाव को ग्रहण करते हुए मानसिक शांति और निरोग जीवन प्राप्त करता है। योग शिक्षक अमित सिंह, निकेत सिंह एवं अनुराग शुक्ला ने योग की विभिन्न मुद्राओं का लोगों को अभ्यास कराया। योग कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षकों, कर्मचारीगण एवं शोध छात्रों ने प्रतिभाग किया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर विश्वविद्यालय में हरित योग का भी आयोजन किया गया।

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