संवाददाता -राजेन्द्र कुमार
सारण /सोनपुर ।
राम की कथा सुनने से अंदर बैठा सच्चिदानंद की स्वरूप नजर आने लगता है।
सोनपुर । सोनपुर में चल रहे नौ दिवसीय श्री हरिहरात्मक महायज्ञ में नित्य चल रहे राम कथा सुनाते हुए सुप्रसिद्ध कथा व्यास जगतगुरु रामानुजाचार्य गोविंदाचार्य गुप्तेश्वर जी महाराज दर्शकों को बताया कि तुलसीदास की कथा संपूर्ण विश्व का कल्याण करने वाला है। राम की कथा सुनने से अंदर बैठा सच्चिदानंद की स्वरूप नजर आने लगता है। श्रवण भक्ति है राम की लीला का कथा सुनने का प्रभाव से हर मानव का कल्याण होता है ।जगदंबा कहती है कि तीनों लोक के कल्याणकारी हैं आप प्रभु। भक्तों के लिए कल्पतरु हो आप भगवान।

महाराज जी ने कथा सुनाते हुए आनंदमय होकर कहा रजोगुण का उत्सर्ग हुआ । भगवान तो निरंकार है ।वह सर्वत्र है। चांद में सूरज में ,तारों में ,आकाश में, पाताल में, हम में ,तुम में, पृथ्वी के कण कण में है। जरूरत है जानने की ,समझने की ,अनुभव करने की। उनके बिना पेड़ का पत्ता तक नहीं डोल सकता है। रजोगुण सतोगुण पर भी सविस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए उन्होंने कथा में चार चांद लगा दिया। उन्होंने अपनी कथा सुनाते हुए कहा कि समाधी रहस्य की बात नहीं है । समाधी का स्तर होता है । कामनाओं, इच्छाओं को कम कर दो और भगवान में राम जाओ तो सब कुछ समाधान हो जाएगा।

कथा सुनाते हुए महाराज जी ने यह भी कहा कि यदि कोई के 10 करोड़ रूपया लॉटरी में मिल जाई तब परिवार के साथ बैठकर रात भर रुपया गिनती रह जाई नींद नहीं आवेगा लेकिन माला लेके बईठ जाई की कही तब माला पकड़ते नींद आबे लगी । जवानी से ही माला जपे के शुरू करी न तो बुढ़ापा में ई काम ना हुई। भजन कर लो जवानी में बुढ़ापा किसने देखा है। मन की एकाग्रता ही समाधी का रूप है ।पुत्र की कामना यश की कामना की चर्चा करते हुए महाराज जी ने कहा कामिनी का आकर्षण हर जगह है। लेकिन कामिनी से ज्यादा मजा है कंचन ( धन) में । सतोगुण अहंकार पर चर्चा करते हुए कथावाचक कहते हैं हमार जन्म भूमि जिला में यज्ञ में दु गो बांस देने वाला भी कहीं की हमरो नाम पत्थर पर लिखाई के चाही। महाराज जी ने कहा कि यज्ञ में किए गए दान गुप्त होना चाहिए। आज भी बहुत दाता है जो दान देते हैं लेकिन बोर्ड पर नाम लिखवाने से मना कर देते हैं ।