संवाददाता-राजेन्द्र कुमार
वैशाली/हाजीपुर शहर के अक्षयवटराय स्टेडियम परिसर के निकट एक निजी आवास में अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य उपाध्यक्ष विशेश्वर प्रसाद यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई

बैठक में 10 जनवरी से 20 जनवरी 2024 तक वैशाली जिला के ग्रामीण इलाकों में किसान जागरण यात्रा चलाने जिसमें संगठन द्वारा प्रकाशित 10000 पर्चा को वितरित करने, ग्रामीणों की बैठक आयोजित करने, नुक्कड़ सभा करने, और 26 जनवरी को झंडो तोलन के बाद हाजीपुर प्रखंड परिषरके निकट से राष्ट्रीय झंडा के साथ ट्रैक्टर और बाइक पैरेड करके संविधान और लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प लेने का निर्णय लिया गया, बैठक को अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुमन कुमार, सचिव गोपाल पासवान, ऑल इंडिया कृषक मजदूर संगठन के नेता ललित कुमार घोष और राजेश कुमार रौशन, अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के नेता त्रिभुवन राय, बिहार किसान संघर्ष मोर्चा के नेता अवधेश कुमार और ओमप्रकाश भगत, ग्रामीण किसान महासभा वैशाली के नेता रामदेव प्रसाद राय उर्फ राजू भाई, और महेश भगत, आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि मोदी की सरकार किसान आंदोलन से किए गए लिखित समझौते को लागू नहीं करके देश के किसानों और खेत मजदूर के साथ विश्वास घात कर रही है, आपदा को अवसर में बदलने का नारा देकर मोदी जी की सरकार ने कॉर्पोरेट परस्त तीन काला कृषि कानून, और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए बने 44 श्रम कानून को समाप्त करके चार श्रम कोड लाने का काम किया, ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दबाव में तीनों काला कृषि कानून तो सरकार ने वापस लिया, परंतु अपने लिखित वादों को पूरा नहीं किया किसान सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में भारी कटौती किया, चार श्रम कोडों के जरिए मजदूरों के अधिकारों में भारी कटौती किया, किसी भी स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी लाइक भी मानदेय नहींदिया जा रहा है, किसान सम्मान योजना में बहुत कम राशि दी जा रही है उसमें भी पात्र किसानों को भी अपात्र घोषित कर इस योजना से बाहर कर दिया गया है और मिले राशि को लौटाने का लिखित पत्र जारी किया गया है,

देश के किसानों खेत मजदूर की तरह वैशाली जिले के भी किसान मजदूरों के साथ एक ताबद्ध होकर संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे और 2024 में किसान मजदूर विरोधी इस फासीवादी सरकार को सबक सिखाएंगे,