संवाददाता-राजेन्द्र कुमार
वैशाली/हाजीपुर।पूर्व मुखिया रामचंद्र राय और श्याम कुमार के संयुक्त अध्यक्षता एवं किसान नेता तथा संस्कृति कर्मी विजय महाराज के संचालन में संपन्न हुई, सम्मेलन शुरू होने से पहले किसान महासभा के राज्य उपाध्यक्ष और भाकपा माले राज्यकमेटी सदस्य विशेश्वर प्रसाद यादव ने झंडा तोलन किया और शहीदों एवं दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई कामरेड विजय महाराज ने शाहिद गान प्रस्तुत किया , सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कामरेड विशेश्वर प्रसाद यादव ने कहा की मोदी की सरकार वादा खिलाफी करने वाली सरकार है, 13 महीना केकिसान आंदोलन के साथ लिखित समझौता से भी यह सरकार भाग रही है।
कॉर्पोरेट घरानों का लाखों करोड़ रूपया का कर्ज राइट ऑफ करने वाली यह सरकार किसानों का कर्ज माफ नहीं कर रही है, स्वामीनाथन आयोग के अनुशंसा के आधार पर लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य निर्धारित कर किसानों के सभी फसलों के खरीद की गारंटी के लिए कानून नहीं बना रही है, इस सरकार ने आत्महत्या करने वाले किसानों का रिकॉर्ड रखना भी छोड़ दिया है, कॉर्पोरेट घरानों को औने पौनेमें किसानों से जमीन हड़प्पकर देने वाली मोदी की सरकार आवास बनाने के लिए गरीबों को जमीन नहीं दे रही है, अब तो मोदी की सरकार ने संविधान और लोकतंत्र को समाप्त कर संघर्ष करने के अधिकार, वोट देने के अधिकार से भी वंचित करने का प्रयास शुरू कर दिया है ।

देश के इतिहास को भी बदला जा रहा है, पाठ्यक्रमों को भी बदला जा रहा है, किसानों मजदूरों के उपयोग में आने वाली तमाम वस्तुओं पर टैक्स लगाकर महंगा कर दिया गया है, कृषि लागत सामग्रियों का कीमत काफी बढ़कर खेती को महंगा कर दिया गया है, किसानों की आमदनी दोगुना करने का वादा करने वाली सरकार खर्च को ही चार-पांच गुना ज्यादा बढ़ा दिया, जिसके कारण खेती और भी घाटे का सौदा बन गया, दो-चार बीघा जमीन रखने वाले छोटे किसान भी अपनी जमीन टिकापटा बटाई पर देकर खेती सेपलायन कर रहे हैं, 60 से 70% खेती बटाई पर होती है, लेकिन इन बटाईदार किसानों को कोई सरकारी सुविधा नहीं दिया जाता, श्री यादव ने कहा कि किसान सम्मन निधि योजना की राशि बढ़ाकर साल में एक लाख किया जाना चाहिए और बटाईदार किसान को भी किसान सम्मन निधि की राशि दिया जाना चाहिए, उलटे भारत सरकार ने जिनके नाम पर मालगुजारी रसीद कटता है उन्हीं को यह लाभ देने का निर्णय लिया है, जबकि सच्चाई है की 90% किसानोकी जमीन का मालगुजारी रसीद उनके मर चुके बाप दादोंके नाम पर हीं कटता है, किसान सम्मन निधि योजना में संख्या घटाने के लिए सरकार ऐसा निर्णय लिया है, किसान विरोधी इस केंद्र सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष शुरू करने के लिए मजबूत संगठन की जरूरत है, सम्मेलन में उपस्थित युवाओं की भारी संख्या का उन्होंने अभिनंदन किया, सम्मेलन को किसान महासभा के जिला सचिव गोपाल पासवान, वैशाली प्रखंडप्रभारी रामपारस भारती, निर्माण मजदूरों के नेता भरत पासवान, सहित करीब 35 किसानों ने जिसमें अधिकांश युवा थे संबोधित किया, अंत में सर्व सम्मति से रहीमपुर के पूर्व मुखिया रामचंद्र राय प्रखंड अध्यक्ष, श्याम कुमार उपाध्यक्ष, बसंत कुमार सचिव, भरत प्रसाद चौधरी, सह सचिव, चुने गए, कार्यकारिणी में लक्ष्मण कुमार, श्रीनिवास कुमार, प्रमोद कुमार, लाल देव राय, रंजीत कुमार, चुने गए, वैशाली प्रखंड प्रभारी राम पारस भारती जिला कमेटी की तरफ से पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे, उन्होंने पूरे जनवादी माहौल में चुनाव संपन्न कराया, इस प्रखंड सम्मेलन में वैशाली प्रखंड के 10 पंचायत के प्रतिनिधि शामिल हुए और कमेटी में सभी पंचायत से कार्यकर्ताओं का चुनाव भी किया गया ।