संवाददाता पंकज कुमार
अम्बेडकर नगर जनपद के विकासखण्ड के जहाँगीरगंज से कम्हरिया मार्ग पर स्थित सड़क के दक्षिण तरफ नसीरपुर छितौना में माँ भुजहिया माता का मन्दिर के परिसर में नव दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ एवं विराट संत सम्मेलन ।
परमपूज्य पं. श्री अद्याशंकर शुक्ल के तपोभूमि पर चल रही संगीतमयी श्रीराम कथा के सातवें दिन स्वामी श्री देवेश जी महाराज ने बताया कि वर्तमान में जिसके माता-पिता इस दुनिया में जीवित हैं, वह सबसे भाग्यशाली इंसान है। माता-पिता की जो सेवा करता है, वह इस संसार रूपी सागर से पार उतर जाता है। जो इनकी आत्मा को दुखाता है, वह इस संसार सागर में डूब जाता है।

महाराज श्री ने कहा कि रामायण में दासी मंथरा के भड़काने से केकई ने राजा दशरथ से राम के वन गमन का आदेश तो दिलवा दिया। जिसे अपने पिता की आज्ञा का अनुपालन करने के लिए भगवान राम अयोध्या से सशरीर वन चले गए, लेकिन अयोध्या के लोगों के ह्रदय में राम हमेशा विराजित रहें। भगवान श्रीराम की प्रतीक्षा में संन्यासियों सा जीवन व्यतीत करने लगे।इस मौके पर यज्ञ आयोजक पं.कामता प्रसाद शुक्ल के साथ आचार्य ओंकारनाथ शुक्ल,आचार्य राम कृष्ण शुक्ल,आचार्य विनोद त्रिपाठी,पं.सुरेश पाण्डेय,अमन पाण्डेय,विनय पाण्डेय,प्रमोद पाण्डेय,अजीत सिंह,राहुल पाण्डेय,रिद्धि तिवारी,आदित्य पाण्डेय,राम प्रकाश शुक्ला,ओम प्रकाश शुक्ला,अष्टभुजा शुक्ला,बबलू पाण्डेय,अनुपममणि तिवारी,अजीत प्रताप सिंह,उत्सव दूबे उर्फ चंचल दूबे,विवेकानन्द तिवारी,शिवम तिवारी,रामप्रीत,अतुल तिवारी,आदर्श पाण्डेय,हेमन्त त्रिपाठी सहित मौजूद रहे।और वही क्षेत्रीय लोगो ने यज्ञ के साथ आरती किया। उपस्थित सैकड़ों भक्त जनों का आभार व्यक्त किया।