Etawah News: Income tax payers took one crore Kisan Samman Nidhi
ब्यूरो संवाददाता
इटावा: सरकार ने किसान सम्मान निधि की महत्वाकांक्षी योजना चलाई है जिससे किसानों को सुविधा मिल सके। इस योजना से अमीरों दूर रखा गया है इसके बावजूद हालात यह है कि इनकम टैक्स देने वालों ने थोडी बहुत नहीं एक करोड़ 40 लाख की किसान सम्मान निधि ले ली। ऐसा एक दो नही 1120 इनकमटैक्स देने वालों ने किया। जब जांच में पोल खुली तो रिकवरी होने लगी। इन लोगों को नोटिस जारी किए गए। इससे हड़कम्प मच गया। नियम यह है कि इनकमटैक्स देने वालों को किसान सम्मान निधि नहीं मिलती।
किसानों की आर्थिक राहत देने के मकसद से सरकार की किसान सम्मान निधि योजना चलाई जा रही है। इसके तहत किसानों को साल में तीन बार में कुल मिलाकर 6000 की रकम दी जाती है। इस योजना के लिए पात्रता की सूची पहले ही जारी कर दी गई थी और उसी हिसाब से आवेदन भरे गए थे। इन नियमों के मुताबिक इनकम टैक्स देने वालों तथा जनप्रतिनिधियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकारी कर्मचारी भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। इसके बावजूद काफी ऐसे लोगों ने किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन कर दिया जो इसके पात्र नहीं थे और उन्हें किसान सम्मान निधि मिलने भी लगी। आधार कार्ड तथा बैंक खातों का मिलान किया गया तो यह पता चला कि जिले में 1120 ऐसे अपात्रों को किसान सम्मान निधि मिल गई है जो इनकम टैक्स देते हैं। इसके बाद कृषि विभाग की ओर से इन सभी से रिकवरी की जा रही है। इन्हें रकम वापस जमा करने के नोटिस भी दिए जा चुके हैं। जिन इनकम टैक्स देने वालों ने किसान सम्मान निधि ली है उनमें सरकारी अधिकारी और कर्मचारी के साथ ही व्यापारी भी शामिल हैं।
उपनिदेशक आरएन सिंह ने बताया कि कुछ इनकम टैक्स देने वालों ने किसान सम्मान निधि ले ली गई है। इन्हे रकम वापसी के लिए नोटिस जारी किए गए है। विभाग इनसे सम्मान निधि के रुप में ली गई रकम वापस लेगा। उन्होने बताया कि नोटिस जारी होने के बाद रकम वापसी भी शुरु हो गई है और अब तक अपात्रों ने किसान सम्मान निधि के रुप में ली गई 28 लाख की रकम वापस कर दी है। उन्होने बताया कि पूरी रकम की वापसी की जाएगी।