बिहार न्यूज़ नहर कि सफाई मजदूरों की जगह जेसीबी से कराये जाने के खिलाफ 17 जून को डीएम के समक्ष इनौस करेगा प्रर्दशन

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संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
भाकपा-माले केन्द्रीय कमिटी सदस्य सह सिकटा विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने कहा हैं कि मैनाटांड़ सिकटा प्रखण्ड से होकर रक्सौल से आगे तक जाने वाली त्रिवेणी कैनाल की सफाई प्रत्येक दिन 1750 मजदूरों से 26 दिनों में कराया जाना था, ताकि इस महंगाई और बेरोजगारी के दौर में मजदूरों को कुछ राहत मिले, विभाग द्वारा मजदूरों से ही कार्य कराने का निर्देश भी है मगर संवेदक द्वारा मजदूरों(मानव बलो) से काम कराने के बदले जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर का प्रयोग करवा रहे हैं।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना मखौल बनकर रह गई है। कोई कितना भी शिकायत करे पदाधिकारी की नींद खुलने वाली नहीं है। इसलिए यह योजना सरकार द्वारा मूल रूप से गरीब मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के साथ गांव एवं क्षेत्र के विकास के लिए शुरू की है। योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब मजदूरों का दूसरे राज्यों में हो रहे पलायन को रोकना है। लेकिन संवेदक की मनमानी एवं पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण मजदूरों का हक मारकर योजना के संवेदक द्वारा फर्जी मजदूर का खाता नंबर डालकर विभाग की आंख में धूल झोंककर सरकारी राशि की निकासी कर मशीन के सहारे खुले आम काम करवा रहे हैं। मजदूर विरोधी संवेदक और भ्रष्ट अधिकारी सरकार की संचालित जनकल्याणकारी योजना मनरेगा में खेल कर रहे हैं। इसी के माध्यम से वे गरीब मजदूरों के हिस्से का धन की बंदरबांट में जुटे हैं। वही जिला में लगभग एक लाख 39 हजार राशन कार्ड रद्द किया गया है। सिर्फ अमीरों का राशन कार्ड रद्द होना चाहिए था।मगर बड़ी संख्या में गरीबों का भी राशन कार्ड रद्द कर दिया गया है। जो न्याय उचित नहीं है तथा गरीबों के साथ धोखा है इस दोनों सवालों पर इंकलाबी नौजवान सभा इनौस और भाकपा-माले 17 जून को जिला अधिकारी के समक्ष विशाल प्रदर्शन करेगा और भ्रष्ट अधिकारीयों और मनमानी कर रहे संवेदकों पर रोक तथा गरीबों का राशनकार्ड से हटाने की कार्रवाही पर रोक की मांग करेगा

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