संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज
बाह: प्रदेश सरकार आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है जिसे लेकर सरकार द्वारा प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर 18 अप्रैल से 24 अप्रैल तक स्वास्थ्य मेले के आयोजन कराया जा रहा है जिसमें लोगों को आयुष्मान कार्ड बनाने से लेकर स्वास्थ्य से संबंधित जांचे व दवाएं निःशुल्क वितरित की जाएंगी।

इसके अतिरिक्त भी प्रत्येक सीएचसी व पीएचसी में लोग सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी में परामर्श व निःशुल्क दवा ले सकते हैं।कागजी सुविधाओं की बात करें तो यह सभी बाह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों को मिल रहीं हैं लेकिन वास्तविकता इसके उलट है स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत कर्मचारी कभी नियत समय पर अस्पताल में नहीं आते और जब आते हैं तो इक्का दुक्का ही औपचारिकता पूरी करने के लिए।वर्तमान में मौसम को अनुसार अस्पतालों में ओपीडी सेवाओ के लिए समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक है लेकिन अस्पताल में तैनात डॉक्टर व कर्मचारी सुबह 10 बजे के बाद ही अस्पताल में पहुँचते हैं। अस्पताल आने के बाद डॉक्टर उपस्थित दर्ज कराकर चले जाते हैं जिसजे बाद ओपीडी सहित सभी सेवायें मरीजों को फार्मासिस्ट द्वारा मुहैया कराई जाती हैं। दूर दराज से जब ग्रामीण महिला पुरुष दवा लेने के लिए अस्पताल पहुंचते हैं तो अस्पताल में लटके तालों को देखकर बिना दवा लिए ही लौट जाते हैं। बाह का सीएचसी पहले भी स्वास्थ्य कर्मचारियों की मनमानी के चलते सुर्खियों में रहा है।

भीषण गर्मी के चलते जुकाम खांसी बुखार खाज खुजली आदि के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है लेकिन स्वास्थ्य केंद्र में दवा लेने आने वाले मरीजो को डॉक्टरों की मनमानी के चलते स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों की मनमानी पर कार्यवाही नहीं होने के चलते मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जिम्मेदार अधिकारी नाकारा कर्मियों पर कार्यवाही करने के बदले मौन हैं जिसके चलते इनके हौसले बुलंद हैं।