Bihar News : मधुबनी जिले मे 1300नियोजित शिक्षकों का ईपीएफ कटौती की राशि लगभग 70 करोड मधुबनी डीईओ और डीपीओ के द्वारा गबन

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संवाददाता-कैलाश कुमार

मधुबनी जिले मे 13 हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों के EPF अंशदान की लगभग 70 करोड़ की राशि मधुबनी के डीईओ और डीपीओ मिलकर डकार गए। मामला खुलासा होने के बाद पदाधिकारियों का हाथ में फूल रहा है । परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवासी के मधुबनी पहुंचने की सूचना पर हरकत में आए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्यान भोजन ने शिक्षकों से वार्ता की ।

Bihar News : EPF deduction of 1300 teachers employed in Madhubani district, about 70 crores embezzled by Madhubani DEO and DPO

वार्ता के पश्चात लिखित समझौता कर 10 दिनों के अंदर EPF की राशि खाते में जमा करा देने का लिखित समझौता किया किंतु पदाधिकारियों की गर्दन फंस गई है। यह समझौता लिखित रूप में करके शिक्षा पदाधिकारी और बुरी तरह फंस गए हैं क्योंकि 13 महीने से शिक्षकों के बताए EPF अंशदान की राशि अब जमा कराना कोई आसान बात नहीं है । कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अधिकतम पांच माह तक विलंब होने पर EPF अंशदान की राशि जमा करायी जा सकती है किंतु उससे अधिक विलंब होने पर नियोक्ता को ब्याज सहित जुर्माने के साथ ही राशि जमा करानी पड़ेगी । 13 महीने से राशि बकाया है जिसमें 5 महीने का ब्याज तो EPFO माफ कर सकता है तो किंतु विलंबित शेष आठ माह के अंशदान की राशि ब्याज और दंड के साथ ही जमा कराई जा सकती है । मधुबनी के 13 हजार से अधिक शिक्षकों के 8 माह की राशि लगभग 70 करोड़ रूपए से अधिक बकाया है । इसे जमा कराने के लिए 12 1/2% (साढ़े बारह) की दर से ब्याज और जुर्माने की राशि लगभग 5 करोड़ रूपए हो जाएगी। इतनी राशि इन पदाधिकारियों के लिए जमा करा पाना संभव नहीं है। वार्ता के क्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना ने स्वीकार किया कि फरवरी 2021 के EPF अंशदान की राशि जमा कराने के लिए 4 बार कोशिश की गई है किंतु ईपीएफ का सॉफ्टवेयर उस राशि को एक्सेप्ट नहीं कर रहा है क्योंकि विलंब होने पर ईपीएफ का सॉफ्टवेयर स्वत: ब्याज के राशि गणना कर लेता है और ब्याज सहित राशि डालने पर ही एक्सेप्ट करता है । इस तरह मामला पेचीदा बन गया है।
दूसरी ओर कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार 5 माह से अधिक विलंब होने पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को नियोक्ता पर प्राथमिकी भी दर्ज कराना है। नियमानुसार तो अभी तक प्राथमिकी दर्ज करा देनी चाहिए थी लेकिन अब तक EPFO ने कोई कार्रवाई नहीं कर सका है जिसके खिलाफ परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ ने हल्ला बोल दिया है । जिला कार्यक्रम पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी शिक्षकों का सामना करने से भागते फिर रहे हैं किंतु वे बच नहीं पाएंगे और इन लोगों को जेल भी जाना पड़ सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के खाते में शिक्षकों के अंशदान की राशि ब्याज सहित जमा करानी पड़ेगी । देखना होगा कि अपने मंजिल तक पहुंचने के लिए शिक्षकों को संघर्षों के किन-किन रास्तों से गुजारना पड़ता है । किंतु इतना तो तय है कि संघर्ष की जीत हमेशा होती आई है और इस बार भी संघर्ष जरूर जीतेगा ।

Bihar News : EPF deduction of 1300 teachers employed in Madhubani district, about 70 crores embezzled by Madhubani DEO and DPO

मधुबनी के शिक्षक जीतेंगे ऐसा मुझे पूरा विश्वास है धन्यवाद ….।

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