RRB NTPC controversy: Both the exams postponed, Ministry formed inquiry committee
ब्यूरो संवाददाता: मनोज कुमार राजौरिया
आरआरबी -एनटीपीसी के रिजल्ट को लेकर मचे विवाद के बाद रेल मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद अब रेलवे की दोनों परीक्षाओं पर रोक लगा दी है और साथ ही एक कमेटी का भी गठन किया है जो छात्रों की बात को सुनेगा। जानकारी के अनुसार फिलहाल के लिए एनटीपीएस और लेवल-1 दोनों परीक्षाओं पर रोक लगी दी गई है। रेल मंत्रालय ने आज जानकारी दी है कि रेलवे बोर्ड ने एक कमेटी गठित की है जो परीक्षा में पास आउट स्टूडेंट और फेल किए गए स्टूडेंट की बातों को सुनेंगे और कमेटी इसकी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौपेंगी। उसके बाद रेल मंत्रालय आगे का निर्णय लेगा।
RRB NTPC क्या है पूरा मामला?
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की ओर से नॉन टेक्नीकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) भर्ती सीबीटी-1 परीक्षा 2021 में आयोजित की गई थी। यहां यह जानना बेहद अहम है कि परीक्षा में स्नातक और इंटर पास युवाओं के लिए एक समान पेपर आयोजित किया गया था। परीक्षा में लगभग सवा करोड़ से ज्यादा उम्मीदवारों ने भाग लिया था। सीबीटी-1 परीक्षा के रिजल्ट 14 व 15 जनवरी, 2022 को जारी किए गए थे। इसके बाद से ही युवाओं की नाराजगी देखने को मिल रही है।

20 गुना चयन का फॉर्मूला क्या है?
रेलवे भर्ती अधिसूचना के अनुसार, सीबीटी-1 और सीबीटी-2 परीक्षा के माध्यम से दो चरणों में क्रमश: 20 व आठ गुना उम्मीदवारों को क्वालीफाई किया जाना था। सीबीटी-1 के परिणाम में रेलवे भर्ती बोर्ड के अनुसार, 20 गुना उम्मीदवार क्वालीफाई घोषित किए गए हैं। जबकि उम्मीदवारों के अनुसार, सारे फसाद की जड़ यही है। जोन वाइज कुल पदों के 20 गुना अभ्यर्थियों को सीबीटी-1 में क्वालीफाई घोषित किया जाना था। लेकिन रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से विभिन्न स्लॉट में पदों की संख्या के आधार पर उनके 20 गुना अभ्यर्थियों को क्वालीफाई घोषित किया गया है।
RRB NTPC अभ्यर्थी क्यों नाराज?
रेलवे भर्ती बोर्ड ने सोमवार को नोटिस जारी कर ऐलान किया था कि सीबीटी-1 में पास होने वाले अभ्यर्थियों को अब सीबीटी-2 की परीक्षा देनी होगी। सीबीटी-2 की परीक्षा के बाद पीईटी व मेडिकल होगा। अभ्यर्थी यह समझ रहे थे कि सीबीटी-1 में पास होने के बाद उन्हें पीईटी देना होगा। हालांकि, रेलवे ने 2019 में जारी ग्रुप डी भर्ती (लेवल-1) के नोटिफिकेशन में यह साफ लिखा था कि सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) सिंगल स्टेज में करवाना है या फिर मल्टी स्टेज में, यह तय करने का अधिकार रेलवे प्रशासन के पास रहेगा।
अब रेलवे ने नोटिस जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि ज्यादा आवेदन आने के कारण अब सीबीटी की परीक्षा दो चरणों में कराई जाएगी। बता दें कि इस परीक्षा के लिए लगभग एक करोड़ 17 लाख छात्रों ने आवेदन किया है और परीक्षा के बाद एक लाख 3 हजार पदों को भरना है। ग्रुप डी अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती निकलने के तीन साल बाद परीक्षा आयोजित की जा रही है। अगर अब सीबीटी-2 भी होगा तो नियुक्ति मिलने में बहुत ज्यादा समय लग जाएगा। अब सीबीटी-2 कराया जाना गलत है।
विवाद पर रेलवे ने क्या कहा?
इस पूरे प्रकरण में रेलवे ने साफ किया है कि रिजल्ट तैयार करने में किसी प्रकार की धांधली नहीं हुई है। सीबीटी-2 के लिए 20 गुना फॉर्मूले के तहत सात लाख उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। आरआरबी ने बताया कि किसी एक उम्मीदवार ने एक से अधिक स्तर के लिए नामांकन किया था और उसे अच्छे अंक प्राप्त हुए तो वह एक से अधिक स्तर के लिए चयनित हो सकता है। इसलिए, सूची में नाम रिपीट हो सकते हैं, लेकिन नौकरी एक ही पद पर मिलेगी।
विवाद के बाद रेल मंत्रालय ने बनाई जांच कमेटी
जगह-जगह हुए हिंसक प्रदर्शनों के बीच, रेल मंत्रालय ने आगे की परीक्षाओं को टाल दिया है। इसके साथ ही एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो रेल मंत्रालय को रिपोर्ट करेंगी। समिति सभी उम्मीदवारों और हितधारकों से सुझाव लेगी और अपने सुझाव रिपोर्ट में देगी।