संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
शहीद स्मारक बेतिया में “प्रबुद्ध भारती” द्वारा विजय दिवस का आयोजन बड़े धूमधाम से सम्पन्न हुआ। शहर के गणमान्य लोगों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पुष्प चक्र चढ़ाए गए।
भावांजलि एवं आदरांजलि देते हुए पूर्व वायु सैनिक मिसाइल इंजिनियर विजय कश्यप ने 16 दिसम्बर 1971 को अविस्मरणीय घटना बताते हुए विश्व की सबसे बड़ी भारत की सामरिक जीत बताया एवं मानवता तथा न्याय एवं इंसानियत के लिए उठाया गया कदम बताया।
सर्वविदित है कि भारत के हमारे जाबांज सैनिकों ने 93 हजार पाक सैनिकों एवं जनरल नियाजी को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया। फलस्वरूप एक नए राष्ट्र के रूप में बंगला देश अस्तित्व में आया। आज का दिन आज भी विश्व पटल पर न्याय एवं मानवता के रक्षक के रूप में याद किए जाए, यह हमारी जिम्मेदारी एवं अगली पीढ़ी के लिए संदेश है।
शहीद स्मारक में गणमान्य लोगों में आरएसएस के संघ चालक बसंत राव भुसारी, पार्षद अरुण गुप्ता, किशोर जोसेफ, समाजसेवी अवध किशोर दूबे, दीपू शर्मा, अधिवक्ता राजेश रंजन, कराटे कोच अजय साह, एवं अन्य उपस्थित रहें। जहाँ विजय दिवस के साथ कर्नुल हैलिकाॅप्टर हादसे में शहीद सीडीएस चीफ विपिन रावत समेत अन्य सभी शहीदों को भी पुष्पांजलि अर्पित की।