संवाददाता सुशील चंद्रा
बाह: बाह क्षेत्र के सन्नपुरा गांव में सोमवार शाम प्रसिद्ध शासिका अहिल्याबाई होल्कर की 296 वी जयंती हर वर्ष की भाँति मनाई गई।कार्यक्रम में अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को याद किया गया। इससे पहले एकत्रित हुए लोगों ने रानी अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

एकत्रित लोगों ने अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को याद करते हुए बताया कि अहिल्या बाई होल्कर ऐसी पहली महिला शासिका थी जिन्होंने स्त्रियों की सेना बनाई और नारी शक्ति के शौर्य से दुनिया को परिचित कराया। इनके उत्कृष्ट विचारों व नैतिक मूल्यों के कारण इनकी ख्याति दूर दूर तक फैली।अहिल्याबाई ऐसी महिलाओं में शामिल थीं जिन्होंने अपना राज्य स्वयं संभाला।ये मराठा महारानी महिला सशक्तिकरण की पक्षधर थीं उन्होंने नारियों को उचित स्थान दिलाने के लिए प्रयास किया।इन्होंने अपने पति की मृत्यु के बाद राज्य की बागडोर संभाली और कुशलता पूर्वक 30 साल तक शासन किया।बाह में हर वर्ष धूमधाम से मनायी जाने वाली अहिल्याबाई होल्कर की जयंती इस बार कोरोना महामारी के चलते सादगी से मनाई गई।

जिसमें क्षेत्र के लोगों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।कार्यक्रम में उपस्थित नीरज धनगर ने बताया रानी अहिल्याबाई होल्कर शिव की अनन्य भक्त थी। उन्होंने भारत के कई राज्यों में ऐसे मंदिरों को निर्मित कराया जो अंग्रेजों द्वारा ध्वस्त कर दिए गए थे।इन्हें ऐसी महारानी के रूप में जाना जाता है जिन्होंने भारत के अलग-अलग राज्यों में मानवता की भलाई के लिए अनेक कार्य किए। भारत सरकार ने देश के कई राज्यों में इनकी प्रतिमाएं भी बनवाई हैं और इनके नाम से कई कल्याणकारी योजनाएं भी सरकारों द्वारा चलाई जा रही हैं।