जनवाद संवाददाता
इटावा: कोरोनाकाल में ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहे उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में राहत की खबर सामने आई। सेना के जवानों ने विश्वविद्यालय के खराब पड़े ऑक्सीजन प्लांट को कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार को चालू कर दिया। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में दो ऑक्सीजन प्लांट पिछले दो वर्षों से खराब पड़े थे। जिनमें से एक प्लांट को सेना के जवानों ने शनिवार को चालू कर दिया है।
509 आर्मी बेस वर्कशॉप आगरा की 10 सदस्यी टीम सैफई के ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट की रिपेयरिग करने के लिए एक मई शाम को सैफई आ गई थी। और दो दिन तक लगातार प्लांट की कमियों का अध्ययन किया। उस समय प्लांट में कंप्रेसर पार्ट खराब पाया गया था। जिसको लेकर टीम वापस आगरा चली गई थी। शुक्रवार की शाम आर्मी टीम के जवान कंप्रेसर पार्ट सहित अन्य उपकरणों को लेकर सैफई पहुंचे और प्लांट की रिपेयरिग करने में जुट गए थे। शनिवार की सुबह 11 बजे से प्लांट को पूरी तरह से चालू कर दिया गया है।
सेना के एक ऑफिसर ने बताया इस विश्वविद्यालय में दो प्लांट खराब पड़े थे जिनमें एक प्लांट को पूरी तरह से चालू कर दिया गया है। जिससे विश्वविद्यालय की 50 फीसद ऑक्सीजन की मांग इस प्लांट से पूरी होती रहेगी और दूसरा प्लांट जो अभी बंद पड़ा है उसको भी हम चेक कर रहे हैं उसमें भी जो खराबी होगी उसको दूर करने का प्रयास किया जाएगा। 2008 में चालू हुआ था ऑक्सीजन प्लांट 6 जनवरी 2008 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा मंत्री द्वारा निदेशक डायरेक्टर ब्रिगेडियर टी प्रभाकर की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान सैफई में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट का उद्घाटन किया गया था। इस प्लांट में ऑक्सीजन गैस यहीं पर निर्मित की जाती थी और पूरे हॉस्पिटल को सप्लाई पाइप लाइन के माध्यम से दी जाती थी। लेकिन बीते 2 वर्षों से ऑक्सीजन प्लांट में खराबी आने के कारण चिकित्सा विश्वविद्यालय गाजियाबाद व कानपुर से वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में ऑक्सीजन मंगाकर आपूर्ति कर रहा था।
शिवपाल ने ठीक कराने के लिए लिखा था पत्र प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव ने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की थी कि विश्वविद्यालय में खराब पड़े ऑक्सीजन प्लांट को तत्काल ठीक कराया जाए और लापरवाही करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्लांट शुरू होगा तो इटावा मैनपुरी सहित कई जनपदों को ऑक्सीजन मिलेगी।
सेना की टीम ने विश्वविद्यालय में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट को चालू कर दिया है। इस समय विश्वविद्यालय को 9 से 10 हजार लीटर प्रतिदिन ऑक्सीजन की जरूरत है। उम्मीद है कि पांच हजार लीटर ऑक्सीजन इस प्लांट के चालू होने से प्राप्त हो जाएगी।