मंटू राय संवाददाता
अररिया: कोरोनावायरस लगातार विकराल रूप धारण करते जा रहा है। प्रतिदिन अपनों के बिछड़ने का ख़बर सोशल मीडिया पर देखकर और सुन-सुनकर बुरा हाल है ऐसा कहना है अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य इन्तेखाब आलम का।मुस्लिम स्कॉलर पद्म विभूषण मौलाना वहीदुद्दीन का कोरोना से निधन पर इन्तेखाब आलम ने शोक जताते हुए बताया कि मौलाना के कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें हाल ही में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तबीयत बिगड़ने के कारण बुधवार रात उन्होंने 96 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। मौलाना वहीदुद्दीन को इसी साल राष्ट्रपति द्वारा देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान यानी पद्म विभूषण से नवाजा गया था। मौलाना वहीदुद्दीन हिन्दु मुस्लिम सामंजस्य के लिए जाने जाते थे। गांधी वादी विचार धारा के मालिक थे मौलाना।
साथ ही श्री इन्तेखाब आलम ने श्री सीताराम येचुरी के बड़े बेटे के इन्तेकाल पर, दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अशोक कुमार वालिया (ए के वालिया) के इन्तेकाल पर, जमीअत उलमा बिहार के नाजिम अल्हाज हसन अहमद कादरी के इन्तेकाल पर , अररिया के अल्हाज मास्टर सरवर नईम के इन्तेकाल पर, खानकाह पीर दमड़िया भागलपुर के सज्जाद नसीं सैयद शाह हसन मानी साहब के इन्तेकाल पर और पटना के मशहूर व मारूफ बेबाक पत्रकार पटना आलम गंज घेरा के निवासी रेयाज़ अज़ीमाबादी के इन्तेकाल पर निहायत ग़म का इजहार किया।
कोरोनावायरस जैसी आपदा से छुटकारा पाने के लिए और मृत परिवार और रिश्तेदारों को इस ग़म को सहने के लिए शक्ति देने के लिए अल्लाह से दुआ मांगी।