पेरियार रामास्वामी नायकर की जन्म जयंती पर किए गए श्रद्धा सुमन अर्पित

पेरियार रामास्वामी नाईकर को किसी भी जाति ,समाज के बंधन में नहीं बांधा जा सकता वह महामानव थे उन्होंने जीवन भर सर्वहारा समाज के लिए उत्थान व कल्याण के लिए कार्य किया यह विचार कौमी तहफ्फुज कमेटी के संयोजक खादिम अब्बास ने स्थानीय अंबेडकर पार्क /बौद्ध विहार में व्यक्त किए खादिम ने कहा कि पेरियार रामास्वामी नाईकर पाखंडवाद और अंधविश्वास के प्रबल विरोधी थे उनका मत था कि सबसे बड़ा धर्म मानवता है l
अनुसूचित जाति/ जनजाति प्रकोष्ठ प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ धर्मेंद्र कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पेरियार रामास्वामी नाईकर युगपुरुष थे ।
जिन्होंने मान सम्मान अधिकारों से वंचित दलित पिछड़े वर्ग के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष किया उनका दृष्टिकोण वैज्ञानिक व स्पष्ट वादी था lदलित शोषित समाज उनका हमेशा ऋणी रहेगा पेरियार रामास्वामी कर्म योगी थे उन्होंने कर्म को प्रधान माना l मानवतावादी कवि दीपक राज ने कहा कि जिन महापुरुषों ने दबे कुचले समाज को मानवीय जीवन जीने लायक बनाया पेरियार रामास्वामी नायकर जिन्होंने अंधकार में प्रकाश फैलाने के लिए बड़ा संघर्ष किया उन्हीं के संघर्षों का परिणाम है कि हम आज आजादी की सांस ले रहे हैं ।
नरेश प्रताप सिंह धनगर एडवोकेट ने पेरियार रामास्वामी नायकर के विषय में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पेरियार रामास्वामी नायकर दलित पिछड़े अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के लिए वरदान थे हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि उनके विचार और दर्शन जन-जन तक पहुंचाएं l
भंते विनय कीर्ति ने अपने आशीष वचन में कहा कि जो समाज अपने महापुरुषों को भुला देता है उसका अति शीघ्र पतन हो जाता है पेरियार रामास्वामी नायकर एक चलती फिरती पाठशाला थे जिन्होंने समाज को मानवता का पाठ पढ़ाया l
इस अवसर पर उपस्थित मोहम्मद अजहरूद्दीन,दिलीप यादव, कैलाश दोहरे, मोहम्मद हाशिम खान, इफ्तिखार मिर्जा , मोहम्मद आमीन, एसके मौर्या ने अपने विचार व्यक्त करते हुए पेरियार रामास्वामी नायकर को व उनके योगदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी ।