संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण
यूरिया की किल्लत, कालाबाजारी तथा किसानों को जबरन नैनो उर्वरक, जिंक, सल्फर, सागरिका एवं कीटनाशक खरीदने के लिए बाध्य किए जाने के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने बैरिया प्रखंड कृषि कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान महासभा के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व जिला पार्षद सुनील कुमार राव ने आरोप लगाया कि कई लाइसेंसी उर्वरक दुकानों पर यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को स्टॉक नहीं होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि खाद को कुछ चुनिंदा लोगों के नाम पर पीओएस मशीन में दर्ज कर कालाबाजारी के माध्यम से 600 से 800 रुपये प्रति बोरी तक बेचा जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई उर्वरक विक्रेता किसानों पर यूरिया के साथ नैनो उर्वरक, जिंक, सल्फर, सागरिका तथा अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव बनाते हैं। जो किसान अतिरिक्त उत्पाद खरीदने से इनकार करते हैं, उन्हें यूरिया नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई के बजाय केवल नोटिस जारी कर मामले को समाप्त कर दिया जाता है।
सुनील कुमार राव ने जिला प्रशासन से मांग की कि सभी लाइसेंसी उर्वरक दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया जाए। साथ ही दुकानों पर निर्धारित मूल्य सूची, शिकायत दर्ज कराने वाले संबंधित अधिकारियों के नाम एवं मोबाइल नंबर बड़े अक्षरों में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचने, यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री करने तथा नियमों के विपरीत उर्वरकों का वितरण करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
किसान नेता ठाकुर साह ने आरोप लगाया कि कुछ दुकानदारों और कृषि विभाग के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से पीओएस मशीन पर फर्जी तरीके से स्टॉक समाप्त दिखाकर खाद की कालाबाजारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि लखनी बाजार स्थित मोहीचंद खाद भंडार, ताधवानंदपुर के रमेश खाद भंडार तथा जनता बाजार के ताहिर खाद भंडार के विरुद्ध शिकायतें की गई हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं किसान महासभा के मुन्ना सिंह ने कहा कि किसान यूरिया के लिए दुकानों से लेकर प्रखंड कृषि कार्यालय तक चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
प्रदर्शन में कृष्ण कुमार, हरेंद्र प्रसाद, वीरेंद्र यादव, रविंद्र राम, विनायक चौधरी, आशाराम, मालती देवी, सीता देवी, सुनैना देवी, माला देवी, चांदनी देवी, राजेश प्रसाद, नरेश ठाकुर, लक्ष्मण यादव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।