संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण।
जीएमसीएच बेतिया में 17 जून 2026 को समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों के साथ हुई कथित मारपीट, बंधक बनाने तथा मोबाइल, नकदी और अन्य सामान छीनने की घटना के एक पखवाड़े बाद भी आरोपियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से पत्रकारों और आम लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

पीड़ित पत्रकारों का आरोप है कि घटना के समय अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. डी.एन. मिश्रा और डॉ. राजेश कुमार मौके पर मौजूद थे तथा उन्होंने हमलावरों को रोकने के बजाय उनका समर्थन किया। वहीं, नगर थाना पुलिस भी घटनास्थल पर मौजूद रहने के बावजूद तत्काल हस्तक्षेप नहीं कर सकी।
पत्रकारों के अनुसार, घटना की रात ही नगर थाने में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई थी, लेकिन दो दिनों तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बाद में 19 जून 2026 की रात नया आवेदन लेकर मामला दर्ज किया गया।
इसके बाद पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच तथा घटनास्थल पर मौजूद वरिष्ठ चिकित्सकों और तत्कालीन नगर थाना अध्यक्ष की भूमिका की जांच की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने जांच टीम गठित कर रिपोर्ट तलब की है।
हालांकि, घटना के लगभग एक पखवाड़े बाद भी किसी आरोपी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से पत्रकार संगठनों में रोष है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई कर पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने की मांग की है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को लेकर भी पत्रकारों ने नाराजगी जताई है।