उत्तर प्रदेश। आगरा
आगरा जनपद में कुछ संगठनों और व्यक्तियों द्वारा धार्मिक स्थलों को अवैध बताकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी (अल्पसंख्यक मोर्चा) के जिला मीडिया प्रभारी द्वारा जिलाधिकारी आगरा को एक लिखित ज्ञापन सौंपते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि बीते कुछ समय से आगरा जिले में बार-बार ताजमहल, मस्जिदों, दरगाहों और मजारों को अवैध घोषित करने, उन्हें तोड़ने की मांग करने तथा सार्वजनिक रूप से भड़काऊ वक्तव्य देने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे न केवल जिले का सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है, बल्कि मुस्लिम समुदाय में भय, तनाव और असुरक्षा का माहौल भी उत्पन्न हो रहा है।
पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इस प्रकार की गतिविधियां संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हैं। ज्ञापन में भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 25 एवं 26 का हवाला देते हुए कहा गया कि सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि किसी भी धार्मिक स्थल की वैधता का निर्णय केवल न्यायालय द्वारा ही किया जा सकता है। किसी संगठन या व्यक्ति द्वारा कानून को अपने हाथ में लेकर धार्मिक स्थलों के खिलाफ बयानबाजी करना या भय का वातावरण बनाना कानून व्यवस्था और संविधान के विरुद्ध है।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के भड़काऊ और समाज को बांटने वाले तत्वों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आगरा जिले में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनी रहे।