संवाददाता प्रताप सिंह आजाद
अमर होटल,नववर्ष के शुभ अवसर पर सुखमनी सेवा सभा द्वारा अमर होटल में आयोजित भव्य कीर्तन समागम में अमृतवेला की पावन बेला गुरुवाणी की मधुर धुनों से सराबोर हो उठी। वातावरण में भीनी-भीनी खुशबू और गुरुवाणी की सुरीली स्वर-लहरियों ने संगत को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत अमृतवेला में समूह संगत द्वारा श्रद्धा एवं एकाग्रता के साथ सुखमनी साहिब जी के पाठ से हुई। इसके बाद नन्हे बालक संजम सिंह ने अपने मधुर एवं कोमल स्वर में भावपूर्ण सिमरन प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

इसके उपरांत हरमन प्यारे वीर महेंद्र पाल सिंह ने अमृतमयी गुरुवाणी कीर्तन और प्रेरणादायक विचारों से संगत को एकरस कर दिया। अपने प्रवचन में उन्होंने कहा:
गुरु के चरणों से जुड़ना है नम्रता से, टूटना है अहंकार से
जुड़ना है प्रेम से, टूटना है नफरत से
जुड़ना है गुरु की वडियाई से, टूटना है निंदा और ईर्ष्या से
उन्होंने “शेख फरीदे खैर दीजै बंदगी” का भावपूर्ण गायन कर संगत को भावविभोर कर दिया। इसके बाद “ऐथै ओथै रखवाला” और विशेष फरमाइश पर “प्रभ जीओ खसमाना कर प्यारे” का अमृतमयी गायन कर उन्होंने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर सरदार अमरदेव सिंह साहनी, रंजीत सामा, रमन साहनी, कवलजीत सिंह, और शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन ज्ञानी अमरीक सिंह की अरदास से हुआ।
इसके उपरांत गुरु महाराज जी के अटूट लंगर का वितरण किया गया, जिसे संगत ने बड़े प्रेम और श्रद्धा से ग्रहण किया। अंत में साहनी परिवार ने समस्त संगत और सुखमनी सेवा सभा का हृदय से आभार व्यक्त किया।