संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर / वैशाली । प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में किसान निबंधन को लेकर शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में किसान निबंधन के साथ-साथ किसानों का केवाईसी (KYC) भी किया जा रहा है, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि सर्वर सही तरीके से कार्य नहीं करने के कारण कृषि सलाहकारों एवं राजस्व कर्मियों को कार्य संपादन में कठिनाई हो रही है। सर्वर बाधित रहने के कारण कई किसान शिविर में पहुंचने के बावजूद बिना निबंधन कराए वापस लौटने को मजबूर हैं।
इसके अलावा किसान निबंधन में भूमि से संबंधित दस्तावेजों की अनिवार्यता भी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आई है। कृषि एवं राजस्व विभाग द्वारा किसान निबंधन के लिए किसान के नाम से जमीन की लगान रसीद मांगी जा रही है, जबकि क्षेत्र के लगभग 90 प्रतिशत किसानों की भूमि उनके पूर्वजों के नाम पर दर्ज है।
इस कारण बड़ी संख्या में किसानों का निबंधन नहीं हो पा रहा है।
इस मुद्दे को लेकर किसान नेता सुमन कुमार यादव, बिंदेश्वर राय, जोगेंद्र राय, अधिवक्ता सुरेश प्रसाद सिंह, मोहित पासवान सहित अन्य लोगों ने राज्य एवं केंद्र सरकार से किसान निबंधन प्रक्रिया के नियमों में बदलाव की मांग की है। नेताओं का कहना है कि यदि नियमों में संशोधन नहीं किया गया तो अधिकांश किसान निबंधन से वंचित रह जाएंगे।
वहीं राजापाकर दक्षिणी पंचायत के किसानों ने कृषि सलाहकार द्वारा भूमि संबंधी बकेट ऑनलाइन उपलब्ध नहीं कराए जाने पर नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि बकेट उपलब्ध नहीं होने के कारण वे शिविर में आकर भी अपना निबंधन नहीं करा पा रहे हैं।
इस संबंध में अंचलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि प्रखंड के सभी हल्कों में कृषि सलाहकारों को भूमि संबंधी बकेट उपलब्ध करा दिया गया है, लेकिन राजापाकर दक्षिणी पंचायत का बकेट अभी उपलब्ध नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही बकेट उपलब्ध कराकर संबंधित कृषि सलाहकार को ऑनलाइन दे दिया जाएगा।