संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया / पश्चिम चंपारण
बेतिया नगर निगम में करोड़ों रुपये के टेंडर घोटाले का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। नगर निगम की मेयर श्रीमती गरिमा सिकरिया द्वारा टेंडर प्रक्रिया में हुए भारी फर्जीवाड़े का खुलासा किए जाने के बाद निगम प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर 6 टेंडरों को रद्द कर दिया है।

साथ ही इस मामले में तीन संवेदकों (ठेकेदारों) के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन ठेकेदारों द्वारा फर्जी बैंक एफडी (Fixed Deposit) के आधार पर नगर निगम से करोड़ों रुपये के कार्य प्राप्त किए गए थे।
सूत्रों का दावा है कि इन संवेदकों को कुछ प्रभावशाली राजनीतिज्ञों का संरक्षण प्राप्त था, जिसके चलते लंबे समय तक इस फर्जीवाड़े पर पर्दा पड़ा रहा। मेयर द्वारा मामले को उजागर किए जाने के बाद अब निगम प्रशासन पर निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के दौरान दोषियों के विरुद्ध कितनी न्यायोचित और प्रभावी कार्रवाई की जाती है।