संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
वैशाली जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील समाधान की दिशा में जिला प्रशासन ने एक नई और अनुकरणीय पहल स्थापित की है। जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह के सशक्त नेतृत्व में आयोजित जनता दरबार अब आम जनता के लिए एक विश्वसनीय और प्रभावी मंच के रूप में उभर कर सामने आया है।

समाहरणालय परिसर में प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से आयोजित जनता दरबार में जून 2025 से अब तक कुल 1427 परिवादों पर जिला पदाधिकारी द्वारा स्वयं व्यक्तिगत रूप से सुनवाई की गई है। डीएम ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनता दरबार में प्राप्त प्रत्येक परिवाद का 07 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करते हुए कार्रवाई प्रतिवेदन जन शिकायत कोषांग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए।
जनसमस्याओं के समाधान को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी द्वारा पंचायत स्तर पर भी जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में महनार प्रखंड के राज करनौती ग्राम पंचायत सरकार भवन में आयोजित जनता दरबार में कुल 311 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 97 मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन कर आवेदकों को तत्काल राहत दी गई। यह उपलब्धि प्रशासनिक तत्परता और डीएम की सक्रिय निगरानी का स्पष्ट प्रमाण है।
इसी कड़ी में भगवानपुर प्रखंड के मांगनपुर पंचायत में आयोजित जनता दरबार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रशासन की सीधी एवं प्रभावी पहुँच सुनिश्चित की गई। विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जिला पदाधिकारी के निर्देश पर संबंधित पदाधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई प्रारंभ की गई।
इसी प्रकार बिदुपुर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज चकठकुर्सी कुसियारी में आयोजित जनता दरबार में भी अनेक आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया गया, जिससे ग्रामीणों में संतोष, विश्वास एवं प्रशासन के प्रति सकारात्मक भाव उत्पन्न हुआ।
पंचायत स्तरीय जनता दरबार के दौरान जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह द्वारा दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राई साइकिल का वितरण किया गया तथा लाभुकों को स्वयं चश्मा पहनाकर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया गया। इसके अतिरिक्त कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा कार्य करने के इच्छुक मजदूरों को मनरेगा जॉब कार्ड भी प्रदान किए गए।

जिला पदाधिकारी की इस प्रभावी, पारदर्शी एवं जन-केंद्रित पहल से जनता का प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। जनता दरबार के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश गया है कि जनसमस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।