संवाददाता मोहन सिंह
वर्ष 2025 पश्चिम चंपारण जिले के लिए खट्टे-मीठे अनुभवों से भरा एक यादगार वर्ष रहा। राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक घटनाओं के साथ-साथ यह साल जिले के पत्रकारों के लिए उत्पीड़न का काल भी साबित हुआ।

2025 के विधानसभा चुनाव ने जिले की राजनीति में नया मोड़ लाया। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी के लिए यह वर्ष संजीवनी के रूप में सामने आया, जब बाल्मीकि नगर और चनपटिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज कर दो सीटों पर अपना खाता खोला। वहीं एनडीए गठबंधन को इस चुनाव में जोर का झटका लगा और उसे एक सीट का नुकसान उठाना पड़ा।
इसी वर्ष जिले के जीएमसीएच (गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल) में व्याप्त भ्रष्टाचार लगातार चर्चा का विषय बना रहा। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ लिखने वाले कई मीडिया कर्मियों को नोटिस जारी किए गए। इतना ही नहीं, जीएमसीएच परिसर में पत्रकारों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई, जिसे प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रत्यक्ष प्रहार के रूप में देखा गया।
वर्ष 2025 को यदि जिले के पत्रकारों के लिए उत्पीड़न का काल कहा जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। तथाकथित भ्रष्ट पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ समाचार प्रकाशित करने पर करीब आधा दर्जन पत्रकारों को पुलिस द्वारा नोटिस जारी कर यह पूछा गया कि खबर का स्रोत क्या है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
इतना ही नहीं, कुछ मामलों में सनहा दर्ज किया गया और कई पत्रकारों पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया पर इस तरह की कार्रवाई को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला माना जा रहा है। जिले में पूर्व में कभी भी ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई थी जैसी बीते एक वर्ष में देखने को मिली।

अपराध की घटनाओं ने भी वर्ष 2025 को सुर्खियों में रखा। 18 दिसंबर की रात बेतिया नगर और नौतन थाना क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने एसबीआई के दो एटीएम काटकर करीब 24 लाख रुपये की चोरी कर ली। वहीं 29 दिसंबर को नगर के जनता सिनेमा चौक स्थित एक तीन मंजिला मकान में आग लगने से एक वृद्ध महिला की झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई।
कुल मिलाकर वर्ष 2025 पश्चिम चंपारण के लिए राजनीतिक बदलाव, भ्रष्टाचार के खुलासे, मीडिया पर दबाव और आपराधिक घटनाओं के कारण लंबे समय तक याद किया जाएगा।