आगरा: लगभग पांच साल बाद फिर शहरवासियों को मौका मिला है कि वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने वार्ड की किस्मत संवार सकते हैं। अपने अनुसार फिर से वार्ड पार्षद चुन सकते हैं। नगर निगम चुनाव की घोषणा भले ही न हुई हो। लेकिन सभी वार्ड से कद्दावर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं कई लोग टिकट के लिए अभी से पार्टी के कार्यालयों के चक्कर भी लगा रहे हैं। वे इस फिराक में लगे हैं कि किसी तरह से टिकट मिल जाए।
सडक़ों की हालत सबसे ज्यादा खराब
अलबतिया वार्ड 67 के मारुती स्टेट मार्ग की बात करें तो यहां सडक़ की हालत सबसे ज्यादा खराब है। कई सालो से नहीं बनी है, जगह जगह गड्डे हो रहे है, और वार्ड की कई गालिया ख़राब पड़ी हुई है, इस वार्ड में बने पार्को में गंदगी के सबसे ज्यादा ढेर लगे हुए है। वार्ड के लोगों का कहना है कि आबादी 60 हजार के आस-पास है। ऐसे में इस वार्ड का परिसीमन दुबारा होना चाहिए।
वार्ड 67 के निवासी का कहना है :
प्रत्याशी को साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, ठोस कचरा प्रबंधन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

सलीम खान अब्बास समाजसेवी व स्थानीय निवासी की का मानना है कि हर मोहल्ले में निगरानी की सीधी व्यवस्था बने। हर महीने पार्षद क्षेत्र भ्रमण पर निकलें। उम्मीदवारों की योग्यता तय हो। कुख्यात पहचान रखने वालों से बचें।
एयरपोर्ट और मॉल के तर्ज पर शौचालय बने। पेड सर्विस के साथ-साथ केयरटेकर भी रखे जाएं।
हर वार्ड में शिकायत पेटी हो। इसकी निगरानी निरंतर पार्षदों द्वारा की जाए।