राजापाकर । वैशाली, संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर प्रखंड के सीडीपीओ कार्यालय में बाल विवाह के संदर्भ में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाजीपुर के निर्देशों के आलोक में आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना पदाधिकारी मंजू रानी ने की।

शिविर का उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्प्रभावों के प्रति महिलाओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं को जागरूक करना तथा उन्हें कानूनी जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में विधिक सेवक पंकज कुमार ने उपस्थित महिलाओं को प्रशिक्षण दिया और बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
महिलाओं को यह भी समझाया गया कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले तो वे तुरंत संबंधित विभाग और 1098 या 15100 पर सूचित करें तथा इसे रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं। प्रशिक्षण सत्र में बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों, अभिभावकों और पंडितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और बालिकाओं के अधिकारों एवं सुरक्षा के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर सभी आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित रहीं। महिला पर्यवेक्षिका रुबी कुमारी, रीता कुमारी और पूनम कुमारी ने बाल विवाह रोकथाम में आंगनबाड़ी सेविकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। प्रखंड समन्वयक पंकज कुमार और कार्यपालक सहायक राम प्रकाश कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाया।
अंत में सभी उपस्थित महिलाओं से अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और समाज को इस कुरीति से मुक्त करने में सक्रिय योगदान दें। यह शिविर सामाजिक सुधार की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।