प्रयागराज न्यूज: अपर जिलाधिकारी ने जारी की बाढ़ सुरक्षा एडवाइजरी – जानें क्या करें और क्या न करें
रिपोर्ट: विजय कुमार
प्रयागराज, 28 अगस्त 2025। जिले में दोबारा बाढ़ के हालात बनते देख अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने लोगों के लिए बाढ़ के दौरान और बाढ़ के बाद पालन करने योग्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बाढ़ के दौरान क्या करें, क्या न करें
बाढ़ के समय पानी में न उतरें, जलक्रीड़ा, स्नान या जलप्रपात में जाने से बचें।
नदी, तालाब और घाटों के किनारे जाने से परहेज करें, किसी भी वाहन को जलभराव वाली जगहों पर न चलाएं।
बाढ़ की चेतावनी मिलते ही परिवार और पड़ोसियों को सतर्क करें और ऊंचे स्थान या प्रशासनिक बाढ़ शरणालयों में जाएं।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और बीमार व्यक्तियों को पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं।
घर छोड़ने से पहले बिजली का मुख्य स्विच और गैस रेगुलेटर बंद करें, शौचालय सीट को बालू की बोरी से ढकें और कीमती सामान को ऊंचाई पर रखें।
इमरजेंसी किट, फर्स्ट एड, भोजन और जीवन रक्षक उपकरण साथ रखें।
बाढ़ के पानी में डूबे हैंडपंप या असुरक्षित स्रोत का पानी न पिएं। पानी को उबालकर या क्लोरीन मिलाकर पिएं।
बच्चों को बाढ़ के पानी के पास खेलने से रोकें।
बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफॉर्मर से दूर रहें। नाव में क्षमता से अधिक लोग न बैठें।
सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों से सावधान रहें। काटने की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाएं।
अफवाहों से बचें और केवल स्थानीय अधिकारियों, ग्राम प्रधान या विश्वसनीय समाचार स्रोतों से ही जानकारी लें।
बाढ़ के बाद क्या करें, क्या न करें
क्षतिग्रस्त घर या इमारत में तुरंत प्रवेश न करें।
खराब हुए विद्युत उपकरणों का उपयोग न करें।
क्षतिग्रस्त पुल और पुलियों को वाहन से पार करने का प्रयास न करें।
पशुओं के शव और बाढ़ मलबे को एकत्र कर सुरक्षित निपटान करें ताकि संक्रमण न फैले।
मलेरिया और डेंगू से बचने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें।
डूबे हुए हैंडपंप का पानी विसंक्रमित होने तक उपयोग न करें।
बच्चों को पूरे आस्तीन के कपड़े पहनाएं ताकि मच्छरों से बचाव हो सके।
अपर जिलाधिकारी ने जनता से अपील की है कि बाढ़ जैसी आपदा में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन कर स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखें।