मनोज कुमार राजौरिया इटावा: निजीकरण किए जाने का बिजली विभाग के कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर जिले में बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारीयों ने अब तक पिछले पांच दिनों में दो घण्टे का कार्य बहिष्कार भी किया, परंतु अब 5 अक्टूबर को जिले का पूरा बिजली विभाग हड़ताल पर रहेगा। इसके कारण विभागीय कार्यालयों में कोई कामकाज नहीं होगा।

बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का कहना है कि निजीकरण से न केवल विभाग को बल्कि उपभोक्ताओं को भी काफी नुकसान होगा। इसलिए विभाग का निजीकरण नहीं किया जाना चाहिए। इसके विपरीत सरकार गुपचुप रूप से निजीकरण के काम में लगी है। इन कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार उपभोक्ताओं के हित में काम कर रहे हैं और शासन के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं। बिजली चोरी रोकने और वसूली के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद बिजली कर्मचारियों की समस्याओं का निदान करने के मामले में सरकार ने चुप्पी साध रखी है। अब गुपचुप तरीके से विभाग का निजीकरण करने की तैयारी की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर प्रशासन फिलहाल वेट एंड वॉच की नीति पर चल रहा है। हड़ताल के एक दिन पहले अभी किसी दूसरे विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटियां बिजली विभाग में नहीं लगाई गई है। उधर बिजली कर्मचारी संगठनों की सरकार से चल रही बातचीत के नतीजे का भी इंतजार किया जा रहा है। इस आहवान के चलते जिले में बिजली विभाग में कार्यरत करीब एक हजार कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे जिससे बिजली व्यवस्था बिगड़ने की भी आशंका है। इसे लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां भी की जा रही है ताकि व्यवस्था न बिगड़े।