ब्यूरो संवाददाता
मधेपुरा : विश्वविद्यालय शिक्षाशास्त्र विभाग में एक दिवसीय सेमिनार जिसका विषय “शिक्षा और स्वतंत्रता” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्घाटन कर्ता सह मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर डॉक्टर सी पी सिंह, प्रोफेसर इंचार्ज विश्वविद्यालय शिक्षाशास्त्र विभाग, सह विभागाध्यक्ष विश्वविद्यालय इतिहास विभाग की गरिमामई उपस्थिति रही। कार्यक्रम शुभारंभ उद्घाटन कर्ता सह मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉक्टर सीपी सिंह के द्वारा मां सरस्वती प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए तथा दीप प्रज्वलित कर किया गया आपका सहयोग एम. एड. विभागाध्यक्ष डॉक्टर शिवेंद्र प्रताप सिंह एवं बी.एड. विभागाध्यक्ष डॉ सुशील कुमार ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया।

कार्यक्रमके विषय प्रवेश के संबंध में आयोजन सचिव डॉक्टर शैलेश यादव ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कॉलोनियल शिक्षा के साथ-साथ स्वतंत्रोतर काल की शिक्षा के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए अवगत कराया कि ब्रिटिश कालीन शिक्षा की वर्तमान भारतीय शिक्षा में क्या भूमिका एवं योगदान रहा है इसके उपरांत उद्घाटन कर्ता सह मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. सीपी सिंह ने विद्यार्थियों को वैदिक कालीन शिक्षा, मध्ययुगीन शिक्षा तथा वर्तमान शिक्षा के आधारभूत सिद्धांतों से अवगत कराते हुए खड़िया और पट्टी से शुरुआत कर हम आज मॉडर्न कक्षाओं तक पहुंच चुके हैं की उन्नति के संबंध में अवगत कराया आपने शिक्षक की महत्ता और समाज में शिक्षक का उच्च स्थान होने की बात कही जो आज भारतीय ज्ञान परंपरा की विकसित प्रणाली को संरक्षण प्रदान करती नजर आ रही है अपने वर्तमान में तकनीकी के उपयोग और उसके दुष्प्रभाव को वैश्विक परिदृश्य पर प्रदर्शित करते हुए अंत्यत आधुनिक तकनीक के सीमित उपयोग पर बल दिया। आपने आर्यभट्ट, कौटिल्य एवं पतंजलि की शैक्षिक तकनीक का विस्तृत वर्णन करते हुए गुरुकुल प्रणाली को भी प्रलक्षित किया इसके उपरांत मध्ययुगीन शिक्षा के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद जी महात्मा गांधी और महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका यात्रा का विस्तृत वर्णन करते हुए विद्यार्थियों के मन में एक शिक्षा के प्रति नई प्रेरणा जागृत की। रोलेट एक्ट तथा मैकाले मिनट्स जैसे गंभीर मुद्दों पर आपने प्रकाश डाला और अंग्रेजों की सोची समझी साजिश के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया इसके उपरांत अपने भारतीय शिक्षण पद्धतियों पर प्रकाश डालते हुए भारत के महत्वपूर्ण साहित्य, ग्रंथ, पुराण, वेद, उपनिषदों का भी संदर्भ प्रस्तुत किया। इसके उपरांत महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए विभिन्न आंदोलन और महिला सशक्तिकरण की बात का पुरजोर समर्थन करते हुए वर्तमान भारत की विश्वपटल पर ख्याति को प्रस्तुत किया। इसके उपरांत प्रोफेसर इंचार्ज द्वारा कार्यक्रम आयोजन समिति एवं बी. एड. तथा एम.एड. के विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए धन्यवाद व्यापित किया और विभाग को सकारात्मक ऊर्जावान बताते हुए इस तरह के अन्य कार्यक्रमों के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के अगले वक्ता के रूप में श्री संतोष कुमार जी ने शिक्षा का वर्तमान महत्व और उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को बताया कि शिक्षा शेरनी का वह दूध है जो जितना पिएगा उतना दहाड़ेगा। अतः हम सबको अधिक से अधिक शिक्षा अर्जन करना चाहिए कार्यक्रम के अगले वक्त के रूप में प्रोफेसर डॉक्टर चंद्रधारी यादव जी ने विद्यार्थियों को बिहार में प्राथमिक शिक्षा की पूर्व, वर्तमान और भविष्य की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एक ऐसा प्रदेश जहां आज भी देश में सबसे ज्यादा बुद्धिमान लोग पाए जाते हैं और सिविल सर्विसेज जैसी परीक्षाओं में सर्वोच्च स्तर पर परीक्षाएं पास करते हैं की प्राथमिक शिक्षा अत्यंत देनी रही परंतु वर्तमान सरकार के अथक प्रयासों से आज शिक्षा की स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है।
इसके उपरांत डॉ. राम सिंह यादव की पुस्तक का विमोचन हुआ और आपने अपनी पुस्तक बाल विकास मनोसामाजिक विश्लेषण के संदर्भ में बतलाया कि यह किताब बी. एड. एवं एम. एड. के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है तथा शिक्षक संबंधी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के सफलतापूर्वक प्राप्त करने हेतु उपयुक्त है कार्यक्रम में डॉक्टर माधुरी कुमारी ने विद्यार्थियों को शिक्षा और स्वतंत्रता के संबंध में बतलाया कि स्वतंत्रता का आशय केवल यह नहीं है कि हम अपने नैतिक जिम्मेदारियां को भूलकर आजादी की बात करें शिक्षा और स्वतंत्रता हमें अपनी नीतिगत और कर्तव्य परायणता की ओर ले जाती है जो कई प्रकार की कर्तव्यों की बात करती है अतः एक ऐसा व्यक्ति जो अपने कर्तव्यों का निर्वाह पूर्ण ढंग से करता है वास्तविकता में वह व्यक्ति भी शिक्षित है वर्तमान समय में शिक्षा और स्वतंत्रता महिलाओं के लिए अति आवश्यक है क्योंकि महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाएं शिक्षित होने और उनके विचार स्वतंत्र होंगे।
इसके उपरांत एम.एम.एड. की छात्रा सोनी कुमारी और सोना कुमारी ने शिक्षा और स्वतंत्रता विषय पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किया उक्त दोनों छात्रों के द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत करने के उपरांत बी. एड. तथा एम.एड. के विभिन्न विद्यार्थियों द्वारा अपनी जिज्ञासा संबंधी प्रश्न पूछे गए जिन्हें विद्वान शिक्षकों द्वारा उत्तर देते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासा को शांत किया गया। इसके उपरांत बी.एड. विभागाध्यक्ष डॉक्टर सुशील कुमार ने विषय के स्वरूप को प्रदर्शित करते हुए बताया कि शिक्षा और स्वतंत्रता मूलत: दो आयम प्रदर्शित करता है। शिक्षा की स्वतंत्रता और शिक्षा में स्वतंत्रता। जिसमें आपने बताया कि यदि विद्यार्थी को अभिव्यक्ति की आजादी के साथ-साथ शिक्षा में समान अवसर प्राप्त होते हैं तो यह समाज तथा देश हित में ज्यादा कारगर साबित हो सकता है जबकि शिक्षा में स्वतंत्रता के संबंध में आपने बताया कि विद्यार्थियों को उनकी अभिवृत्ति योग्यता एवं मानसिक स्थिति मानसिक योग्यता के आधार पर बहु विषयक पाठ्यक्रम की तरफ प्रेरित करने की आवश्यकता है जिससे वे अपनी शैक्षिक योग्यता के आधार पर पाठ्यक्रमों का चयन कर सकें और देश तथा समाज की उन्नति में अपना योगदान दे सकें।
कार्यक्रम के अंत में एम. एड. विभागाध्यक्ष सह कार्यक्रम संयोजक डॉक्टर सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम के उद्घाटन कर्ता, मुख्य अतिथि, रिसोर्स पर्सन व अन्य सभी को धन्यवाद व्यापित किया। आपने कार्यक्रम के महत्व तथा सेमिनार की वर्तमान में प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को बताया कि यह विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति का एक विस्तृत मंच है जिस पर आप ज्ञानार्जन के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की जिज्ञासाओं को शांत कर सकते हैं अतः हम सभी विद्यार्थियों और शिक्षा जगत के विद्वानों को सेमिनार जैसी संगोष्ठियों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। आपने संबंधित शिक्षकों के साथ-साथ बी.एड. एवं एम.एड. के विद्यार्थियों को भी धन्यवाद दिया कि आप सभी ने ससमय उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम में श्री रॉबिंस कुमार, डॉक्टर प्रिंस फिरोज अहमद, डॉक्टर वीर बहादुर तथा बी.एड. एवं एम.एड. के छात्र रूपेश कुमार छोटू अमित अमितेश सौरभ सुमित कृष्ण मुरारी मौसम सोनी सोना भारती वकील अवधेश पिंकी कुमारी खुशबू कुमारी अंजली कुमारी शिवानी प्रिया सुषमा कुमारी नीलू कुमारी मनीषा कुमारी प्रिया पूजा शुभ रानी निशा कुमारी यशवंत कुमार नीरज कुमार चंदन कुमार अजय कुमार ललन कुमार मंडल पवन कुमार राहुल यादव दीपा भारती शोभा कुमारी कृष्ण मुरारी कुमार बबीता कुमारी राजकमल सुबोध कुमार अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डॉक्टर शैलेश यादव द्वारा किया गया।