संवाददाता – विजय कुमार
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
05 अप्रैल 2026
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) ने लाखों बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया है।
राज्य सरकार शहरी गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। विशेष रूप से मलिन बस्तियों और बुनियादी सुविधाओं से वंचित इलाकों में रहने वाले लोगों को आवास, रोजगार और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर फोकस किया गया है।
यह योजना राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसके तहत जिला स्तर पर डूडा द्वारा कार्यान्वयन किया जाता है।
योजना के अंतर्गत लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक में पात्र परिवारों को ₹2.5 लाख तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके लिए आवेदक का शहरी क्षेत्र का निवासी होना, वार्षिक आय ₹3 लाख से कम होना और स्वयं की भूमि होना आवश्यक है। साथ ही, आवेदक के पास पहले से पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2025-26 में 90 हजार लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त भेजी जा चुकी है, जिससे हजारों परिवार अपने घर का निर्माण कर रहे हैं।
यह योजना केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से चलाई जा रही है, जिसमें 60% धनराशि केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 को दिसंबर 2025 तक विस्तारित किया गया है, जबकि 2.0 चरण की शुरुआत भी हो चुकी है, जिसमें 2025-26 के लिए बड़े बजट का प्रावधान किया गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि हर शहरी गरीब को अपना घर उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जाए और “सबके लिए आवास” का सपना साकार किया जा सके।