रिषीपाल सिंह इटावा । कोविड-19 संक्रमण के कारण पिछले मार्च माह से देशव्यापी लॉक डाउन के कारण सभी धर्म स्थलों में सामूहिक इबादतों, पूजा, आरती पर पाबंदी लगी हुई है। जिसके कारण मस्जिदों में भी जमात के साथ नमाज नहीं हो रही है। रमजान के मुबारक महीने में न तो अलविदा की नमाज अदा की गई है और न ही जुमे की नमाज परंपरागत रूप से सामूहिक रूप में अदा हुई है।
भारत सरकार द्वारा घोषित अनलॉक 1 में आज 8 जून से हॉटस्पॉट क्षेत्रों के अलावा धर्म स्थलों को खोले जाने की छूट दी गई है।आज कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों तथा शहर के धर्म गुरुओं व मस्जिद- मन्दिर एवं चर्च के प्रबंधक/ मुतवल्लियों के साथ आयोजित बैठक में अवगत कराया गया कि शासन ने धर्म स्थलों में एक बार में केवल 5 लोगों के एकत्र होने की ही अनुमति दी है। चूंकि नमाज जमात के साथ सामूहिक रूप से अदा की जाती है पांच- पांच लोगों के समूह में नमाज का अदा किया जाना संभव नहीं है।
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा 5 से अधिक लोगों के इकट्ठे होने पर पाबंदी के कारण उत्पन्न होने वाली तमाम व्यावहारिक कठिनाइयों / समस्याओं से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराते हुए उच्च स्तर पर इन व्यवहारिक कठिनाइयों से अवगत कराए जाने का अनुरोध किया गया है। तथा उन्हें यह भी अवगत करा दिया गया है कि हालात सामान्य होने तक शहर की सभी मस्जिदों में पूर्व की तरह ही व्यवस्था बहाल रखी जाएगी।आम जनता को भी उक्त व्यवस्था से अवगत कराते हुए उन्होंने कहा कि मस्जिदों में अभी नमाज अदा करने की आम अनुमति नहीं है, अभी पूर्ववत व्यवस्था ही रहेगी।
इस मौके पर डा० मुहम्मद शुऐब चिश्ती, मौलाना तारिक शम्सी, हाफ़िज़ मुहम्मद अहमद चिश्ती, मौलाना जरजीस अंसारी,हसनैन वारिस, मुमताज चौधरी, साजिद हुसैन वारसी, मौलाना आतिफ रहमानी, आदि उपस्थिति रहे।
