संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
स्थान : राजापाकर, जिला वैशाली (बिहार)
दिनांक : 15 मार्च 2026
रविदास समाज उत्थान समिति की बैठक में काशीराम जयंती मनाई
रविदास समाज उत्थान समिति बैठक राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के उत्तरी पंचायत अंतर्गत भाथा दासी ग्राम स्थित सामुदायिक भवन परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक में महान समाजवादी नेता Kanshi Ram की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी वर्ग के लोग उपस्थित रहे। सभी लोगों ने काशीराम के तैलचित्र पर फूलमाला अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
शिक्षाविद विजय कुमार दास की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक
बैठक की अध्यक्षता विजय कुमार दास, जबकि संचालन समिति के कोषाध्यक्ष हरिहर दास ने किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने काशीराम के जीवन और उनके सामाजिक आंदोलन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि काशीराम ने दलितों, वंचितों और शोषित वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उन्हें सामाजिक न्याय दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
वक्ताओं ने काशीराम के विचारों को बताया प्रेरणादायक
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि काशीराम केवल एक राजनीतिक नेता ही नहीं बल्कि समाज सुधारक भी थे। उन्होंने समाज के पिछड़े वर्गों को संगठित कर उन्हें राजनीतिक और सामाजिक अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया।
वक्ताओं ने कहा कि उनके द्वारा शुरू किए गए सामाजिक आंदोलन ने देश में सामाजिक जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज भी उनके विचार समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
समिति के पदाधिकारियों और बुद्धिजीवियों की रही उपस्थिति
बैठक में रविदास समाज उत्थान समिति के कई पदाधिकारी और समाज के बुद्धिजीवी वर्ग के लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में शामिल रहे: प्रोफेसर कलाम, संयोजक, बिजली राम, अध्यक्ष जोगेंद्र राम, प्रमुख हरिहर दास, कोषाध्यक्ष
संजीत कुमार, सचिव इसके अलावा बड़ी संख्या में समाज के सरदारगण और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
अवकाश प्राप्त शिक्षक विजय राम का किया गया सम्मान
बैठक के दौरान समिति की ओर से अवकाश प्राप्त शिक्षक विजय राम को सम्मानित किया गया। उन्हें फूलमाला पहनाकर और शाल देकर सम्मान प्रदान किया गया।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के विकास में शिक्षकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और ऐसे लोगों का सम्मान समाज के लिए प्रेरणादायक है।
सामाजिक एकता और समाज उत्थान पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने समाज में एकता बनाए रखने और सामाजिक उत्थान के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को शिक्षा, जागरूकता और संगठन के माध्यम से आगे बढ़ना चाहिए। काशीराम के विचारों को अपनाकर ही समाज में समानता और न्याय स्थापित किया जा सकता है।